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CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ में जमीन रजिस्ट्री पर बड़ी राहत, 50% स्टाम्प शुल्क छूट समेत साय कैबिनेट के अहम फैसले

रायपुर. मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए. सबसे बड़ा फैसला जमीन रजिस्ट्री को लेकर लेकर लिया गया है. महिलाओं को जमीन रजिस्ट्री में 50 फीसदी छूट, सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प ड्यूटी राहत दी गई है. वहीं उद्योग और खनन नियमों में बड़े बदलाव, पशुपालन और पेंशन दायित्व जैसे फैसले भी लिए गए हैं.

इन फैसलों के जरिए सरकार ने सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक मोर्चे पर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं. इन निर्णयों को राज्य के विकास, निवेश, संसाधन प्रबंधन और सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है.

महिलाओं के नाम रजिस्ट्री पर बड़ी राहत

कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला महिलाओं के नाम पर होने वाली भूमि रजिस्ट्री में 50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट है. सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगी. करीब 153 करोड़ रुपये के संभावित राजस्व नुकसान के बावजूद इस फैसले को महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

सैनिकों और पूर्व सैनिकों को आर्थिक सम्मान

सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को राज्य में 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर 25 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी छूट देने का फैसला लिया गया. लगातार स्थानांतरण और सेवा के बाद स्थायी निवास के लिए संपत्ति खरीदने वाले सैनिक परिवारों को इससे सीधी आर्थिक राहत मिलेगी. सरकार ने इसे देश सेवा करने वालों के सम्मान से जोड़कर महत्वपूर्ण निर्णय बताया है.

उद्योग और PPP मॉडल को मिलेगा बढ़ावा

औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन के जरिए सेवा क्षेत्र, PPP मॉडल, NBFC फंडिंग और लैंड बैंक के लिए एप्रोच रोड जैसे प्रावधानों को मंजूरी दी गई है. इससे उद्योगों को ऋण सुविधा, भूमि आवंटन में स्पष्टता और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा. सरकार का लक्ष्य औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत करते हुए Ease of Doing Business को बेहतर बनाना है.

रेत और खनन पर सख्ती

रेत खदानों को सार्वजनिक उपक्रमों के लिए आरक्षित करने और गौण खनिज नियमों में कठोर संशोधन का फैसला लिया गया है. अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर 25 हजार से 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इससे रेत की उपलब्धता सुगम होगी और खनिज संसाधनों के व्यवस्थित दोहन को बढ़ावा मिलेगा.

पशुपालन और डेयरी सेक्टर को मजबूती

दुधारू पशु पायलट प्रोजेक्ट को सभी सामाजिक वर्गों तक विस्तार देने और NDDB के जरिए टीकों की सीधी खरीद की मंजूरी दी गई है. इससे पशुपालकों को समय पर टीकाकरण सुविधा मिलेगी, पशुओं में रोग नियंत्रण होगा और दूध, अंडा तथा मांस उत्पादन में बढ़ोतरी होगी. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को मजबूती मिलेगी.

पेंशन दायित्व में बड़ी वित्तीय राहत

मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत अतिरिक्त पेंशन भुगतान के मामले में शेष 8,536 करोड़ रुपये की वापसी पर सहमति दी गई है. यह राशि आगामी 6 वार्षिक किश्तों में प्राप्त होगी. सरकार ने इसे वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना है. साय कैबिनेट के ये फैसले महिला सशक्तिकरण, सैनिक सम्मान, औद्योगिक निवेश, खनिज संसाधन प्रबंधन, पशुपालन और वित्तीय अनुशासन जैसे कई मोर्चों पर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने लाते हैं. इन निर्णयों से विकास, सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाने की कोशिश साफ दिखाई देती है.