रूसी पनडुब्बी तैनात किये जाने के बाद भी हुई कार्रवाई
कराकासः अटलांटिक महासागर के गहरे पानी में अमेरिका और रूस के बीच तनाव तब एक नए चरम पर पहुँच गया, जब अमेरिकी सेना और सुरक्षा बलों ने रूसी ध्वज वाले एक विशाल तेल टैंकर को बीच समुद्र में ही जब्त कर लिया। अमेरिकी यूरोपीय कमान द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह ऑपरेशन होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और अमेरिकी सैन्य कर्मियों द्वारा संयुक्त रूप से उत्तरी अटलांटिक में अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई का आधार एक अमेरिकी संघीय अदालत द्वारा जारी किया गया वारंट था, जिसमें उक्त जहाज पर वेनेजुएला के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।
पेंटागन की चेतावनी और ‘वैश्विक नाकेबंदी’ इस ऑपरेशन की सफलता के तुरंत बाद, नवनियुक्त पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर एक कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि वेनेजुएला के तेल व्यापार पर अमेरिकी नाकेबंदी अब केवल वेनेजुएला के तटों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया में कहीं भी पूरी ताकत के साथ लागू की जाएगी। यह बयान अमेरिका की उस नई विदेश नीति को दर्शाता है जहाँ वह अपने आर्थिक प्रतिबंधों को वैश्विक स्तर पर सैन्य शक्ति के माध्यम से लागू करने के लिए तैयार है। यह घटना तब और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला में प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया है।
रूस ने इस जब्ती को अंतर्राष्ट्रीय डकैती करार देते हुए इसकी तीव्र आलोचना की है। रूसी परिवहन मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई 1982 के समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन का खुला उल्लंघन है। रूस का तर्क है कि खुले समुद्र पर नौवहन की स्वतंत्रता का अधिकार सभी देशों को प्राप्त है और किसी भी राज्य को दूसरे देश के पंजीकृत जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है। रूसी अधिकारियों के अनुसार, इस टैंकर को 24 दिसंबर को रूसी ध्वज के तहत यात्रा करने की अस्थायी अनुमति दी गई थी, लेकिन अमेरिकी नौसेना के जहाज पर चढ़ने के बाद से जहाज से संपर्क टूट गया है।
यह घटनाक्रम महाशक्तियों के बीच एक नए टकराव की शुरुआत की ओर संकेत करता है। जानकारों का मानना है कि रूस इस जब्ती के जवाब में अपनी नौसैनिक और पनडुब्बी तैनाती बढ़ा सकता है, जिसकी रिपोर्ट पहले ही सामने आ चुकी हैं। अमेरिका द्वारा किसी अन्य संप्रभु राष्ट्र के ध्वज वाले जहाज को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोकना एक ऐसा उदाहरण पेश करता है जो भविष्य में वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है। यह कार्रवाई न केवल रूस और अमेरिका के संबंधों को रसातल में ले गई है, बल्कि उन सभी देशों के लिए एक चेतावनी है जो अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद वेनेजुएला के साथ व्यापार जारी रखना चाहते हैं।