दुर्ग: मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आते ही दुर्ग जिले में पतंगबाजी का उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया है. बच्चे, युवा और परिवार सभी इस त्योहार की तैयारी में जुटे हैं. इस उत्साह के बीच प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का खुलेआम उपयोग और बिक्री का एक गंभीर और जानलेवा खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है.
खतरनाक है चाइनीज मांझा
चाइनीज मांझा बेहद धारदार होता है. यह न सिर्फ इंसानों के लिए बल्कि पक्षियों और जानवरों के लिए भी घातक साबित हो रहा है. दुर्ग शहर और आसपास के इलाकों में रोजाना करीब 150 से 200 चरखी चाइनीज मांझे की बिक्री हो रही है. त्योहार को देखते हुए पतंग कारोबारियों ने पहले से ही भारी मात्रा में स्टॉक जमा कर लिया है.
22 जनवरी 2024 को दुर्ग जिले में अज्जू नामक युवक की चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण दर्दनाक मौत हो गई थी. वहीं इस साल दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इस खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है.
दुर्ग कलेक्टर के सख्त निर्देश
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में चाइनीज मांझे की बिक्री करने वाली दुकानों की जांच की जाएगी और जहां भी यह मांझा मिलेगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी. सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके.
दुकानों की जांच की जाएगी. प्रतिबंधित सामग्री है, इसलिए कहीं बिक्री नहीं होनी चाहिए. इस निर्देश का सख्ती से पालन होना चाहिए: अभिजीत सिंह, कलेक्टर
प्रशासन की नागरिकों से अपील
⦁ चाइनीज मांझे का उपयोग न करें
⦁ विकल्प के रूप में पारंपरिक सूत के मांझे का ही इस्तेमाल करें.
हेल्पलाइन नंबर जारी
दुर्ग जिला प्रशासन ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. इस नंबर पर आप कॉल कर चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इस पहल का उद्देश्य यही है कि मकर संक्रांति का त्योहार खुशियों और उत्साह के साथ मनाया जाए और किसी हादसे और दुखद घटना को रोका जा सके.