मांडर टोल कर्मियों से उलझे भाजपा विधायक! वीडियो पर दी सफाई, बोले – केंद्रीय परिवहन मंत्री और NHAI से करेंगे शिकायत
रांची: राजधानी रांची के मांडर टोल प्लाजा पर पलामू के पांकी से भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता के परिवार के साथ टोल टैक्स को लेकर उपजा विवाद अब तूल पकड़ने लगा है. विधायक ने आरोप लगाया है कि एक साजिश के तहत उनके साथ हुई बहस के वीडियो को वहां के कर्मियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की है. हालांकि, वीडियो में विधायक भी टोल कर्मियों के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए दिख रहे हैं. वहीं टोलकर्मियों का आरोप है कि विधायक उन्हें धमका रहे थे. उन्होंने एक टोलकर्मी को पहले थप्पड़ भी जड़ा था.
इस पूरी घटना को लेकर विधायक शशिभूषण मेहता ने केंद्रीय परिवहन मंत्री और एनएचएआई से टोल कर्मियों और संचालक के खिलाफ लिखित शिकायत करने की बात कही है. उन्होंने आरोप लगाया है कि एक तो जानबूझकर गाड़ी को रोककर परिवार को परेशान किया गया और सवाल करने पर उनके साथ बदत्तमीजी करते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया.
विधायक की पत्नी से हुई विवाद की शुरुआत
भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता ने ईटीवी भारत को बताया कि पिछले दिनों उनकी पत्नी डाल्टनगंज से वाया मांडर रांची जा रहीं थी. उनको सेवा विमान से दिल्ली इलाज के लिए जाना था. लेकिन जानबूझकर उनकी गाड़ी को टोल प्लाजा के पास रोक दिया गया. जबरन पैसे की मांग की जा रही थी. काफी देर तक गाड़ी रोकने की वजह से उनकी फ्लाइट छूट गई.
31 जनवरी को भाजपा विधायक के साथ हुआ विवाद
भाजपा विधायक ने बताया कि 31 जनवरी को डाल्टनगंज से रांची लौटते वक्त उन्होंने जानना चाहा कि आखिर उनकी पत्नी की गाड़ी को क्यों रोका गया. नाराज विधायक ने कारण जानने के लिए वहां के कर्मियों से बात की और मैनेजर को बुलवाने को कहा. विधायक का आरोप है कि इस दौरान वहां के कर्मियों ने उनके साथ बदत्तमीजी की. उनके खिलाफ जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. विवाद बढ़ने पर खलारी डीएसपी पहुंचे और मामले को शांत कराया. विधायक ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आए दिन मांडर टोल प्लाजा पर लोगों को परेशान किया जाता है.
उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा पर विधायक की गाड़ी से टोल नहीं लिया जाता है. फिर भी ऐसी हरकत क्यों की गई. उनका आरोप है कि 4 जनवरी को उनकी गाड़ी को एक बार फिर रोक दिया गया. जानबूझकर देरी कराई गई. इस तरह का दुर्व्यवहार एक साजिश के तहत किया जा रहा है. उन्होंने इसकी लिखित शिकायत केंद्रीय परिवहन मंत्री और एनएचएआई से करने की बात कही है.
टोल विवाद में असंसदीय भाषा का इस्तेमाल
हालांकि, वीडियो में भाजपा विधायक भी टोलकर्मियों के साथ असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं. टोलकर्मियों का कहना है कि विधायक ने वहां के एक कर्मी को थप्पड़ तक जड़ दिया था. फिर भी उनके पद और गरिमा का ख्याल रखा गया. इसके बावजूद वे कर्मियों को धमकाते रहे. बाद में खलारी डीएसपी की पहल से मामला शांत हो गया. लेकिन विधायक का कहना है कि वह इस मामले को अंजाम तक ले जाएंगे.
क्या कहना है खलारी डीएसपी का
खलासी के डीएसपी राम नारायण चौधरी ने बताया कि विवाद हुआ था. घटना के दिन रांची से खलारी लौटते वक्त टोल प्लाजा पर विवाद की जानकारी मिलते ही उन्होंने खुद दोनों पक्ष को समझाकर मामला शांत कराया था. उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा के लोगों का कहना है कि विधायक की गाड़ी गुजरने पर टोल टैक्स नहीं लिया जाता है, लेकिन परिवार या कोई कार्यकर्ता को इसकी छूट नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी पक्ष ने विवाद को लेकर लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है.