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सद्दाम हुसैन से मादुरो तक एक जैसी कार्रवाई

पूर्व में अमेरिकी कार्रवाइयों की चर्चा भी फिर से होने लगी

जेनेवा: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर अमेरिका की कठोर विदेश नीति ने हलचल पैदा कर दी है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को हिरासत में लेने या उन्हें सत्ता से बेदखल करने का अमेरिका का लंबा और विवादित इतिहास रहा है। इस कड़ी में नवीनतम मामला वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का है। शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर एक साहसी और गुप्त सैन्य छापे के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के पीछे केवल आपराधिक आरोप या लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा नहीं है, बल्कि इसके गहरे आर्थिक निहितार्थ भी हैं। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है। माना जा रहा है कि अमेरिका का प्राथमिक उद्देश्य मादुरो पर मुकदमा चलाने के साथ-साथ इन विशाल संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करना या कम से कम एक ऐसी सरकार को बिठाना है जो वाशिंगटन के हितों के अनुकूल हो।

अमेरिका द्वारा किसी देश के शीर्ष नेता को बलपूर्वक हटाने की यह पहली घटना नहीं है।साल 2003 में इराक पर आक्रमण के बाद सद्दाम हुसैन को एक भूमिगत बंकर से पकड़ा गया था। उन पर मुकदमा चला और 2006 में उन्हें फांसी दे दी गई। ठीक 36 साल पहले, पनामा के सैन्य तानाशाह मैनुअल नोरिएगा को नशीली दवाओं की तस्करी के आरोप में अमेरिकी सेना ने गिरफ्तार किया था।

नोरिएगा ने अपने जीवन के अंतिम दशक जेल में बिताए और 2017 में उनकी मृत्यु हुई। 2022 में होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति को नशीली दवाओं के व्यापार के लिए 45 साल की सजा सुनाई गई, जो अमेरिका की कानूनी पहुंच के विस्तार को दर्शाता है। हैती के जीन-बर्ट्रेंड एरिस्टाइड का मामला भी अमेरिका की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। जहाँ एरिस्टाइड ने अमेरिका पर अपहरण कर जबरन देश से बाहर ले जाने का आरोप लगाया, वहीं व्हाइट हाउस ने इसे उनकी सुरक्षा के लिए किया गया एक स्वैच्छिक प्रस्थान करार दिया।

निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि अमेरिका अपनी विदेश नीति के लक्ष्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को प्राप्त करने के लिए सैन्य शक्ति और कानूनी दांव-पेंचों का उपयोग करने से पीछे नहीं हटता। यह घटना न केवल लैटिन अमेरिका, बल्कि पूरे विश्व की भू-राजनीति में एक नया और तनावपूर्ण अध्याय जोड़ रही है।