जमीन के नीचे अभी कई और लोगों के दबे होने की आशंका
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ढेंकनाल में शनिवार की रात का हादसा
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खदान का बड़ा हिस्सा नीचे धंस गया है
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बड़े पत्थरों की वजह से राहत में परेशानी
राष्ट्रीय खबर
भुवनेश्वरः ओडिशा के ढेंकनाल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ शनिवार की रात एक पत्थर खदान में हुए भीषण विस्फोट ने दो मजदूरों की जान ले ली और कई अन्य के जीवन को संकट में डाल दिया है। यह दर्दनाक हादसा मोतंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोपालपुर गांव के पास स्थित एक खदान में हुआ।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, जब यह जोरदार धमाका हुआ, तब मजदूर खदान की गहराइयों में रोजमर्रा की तरह पत्थर निकालने के काम में जुटे हुए थे। इस धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास का इलाका दहल गया और खदान का एक बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह धंस गया।
प्रशासनिक स्तर पर राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। ढेंकनाल के जिलाधिकारी आशीष ईश्वर पाटिल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक दो शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, जिनकी पहचान ओडिशा के ही बालासोर और क्योंझर जिलों के निवासियों के रूप में हुई है।
चूंकि मलबे के नीचे अभी भी कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है, इसलिए बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया है। रविवार सुबह से ही अग्निशमन विभाग की सात टीमें मौके पर मुस्तैद हैं, लेकिन खदान में चारों ओर बिखरे विशालकाय पत्थरों और मलबे के कारण मशीनों को अंदर ले जाने और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मलबे के नीचे जीवन की तलाश के लिए अनुगुल से एक विशेष प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया है।
इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जिस खदान में यह विस्फोट हुआ, उसके पास ब्लास्टिंग (विस्फोट) करने की कोई वैध अनुमति नहीं थी।
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, जिला खनन कार्यालय ने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और अवैध गतिविधियों के कारण 8 सितंबर, 2025 को ही इस खदान को बंद करने का लिखित आदेश जारी कर दिया था। इसके बावजूद, नियमों और सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए खदान संचालक लगातार वहां अवैध रूप से उत्खनन और विस्फोटक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
वर्तमान में पुलिस ने पूरे दुर्घटना स्थल को सील कर दिया है और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अवैध खनन के इस काले कारोबार ने न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया, बल्कि दो निर्दोष मजदूरों की बलि भी ले ली। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खदान मालिक और इस अवैध कृत्य में शामिल दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और खनन नियमों के उल्लंघन के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जैसे-जैसे मलबा हटाया जा रहा है, हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।