Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हुआ गैंगस्टर मेजर सिंह: जग्गू भगवानपुरिया गै... उदोवाली कलां रजवाहा नहर में लगातार हो रहे हादसे, नहर विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश लुधियाना के सिविल लाइंस में मोबाइल टावर से महंगे कार्ड चोरी: सतलुज टावर की छत पर BTS बॉक्स काटकर वार... गुरदासपुर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: सड़कों पर कई फीट पानी भरा, घरों में घुसा पानी; ड्रेन... लुधियाना रेलवे स्टेशन री-डेवलपमेंट: 528.95 करोड़ के प्रोजेक्ट की डेडलाइन फिर बढ़ी, अब जून 2027 तक हो... बकाया बिजली बिलों पर विभाग का सख्त रुख, डिफॉल्टरों के कनेक्शन काटने की मुहिम शुरू हांसी के बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल को मिलेगा अर्जुन अवॉर्ड: किसान के बेटे ने तानों से लेकर पदकों तक तय क... कुरुक्षेत्र में वकील के घर ₹3.15 करोड़ की डकैती: CIA-1 और बदमाशों के बीच मुठभेड़, पैर में गोली लगने ... पूर्व अग्निवीरों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी नौकरियों में 20% तक क्षैतिज आरक्षण हरियाणा में नाती-नातिन को संपत्ति ट्रांसफर पर स्टाम्प शुल्क में 100% छूट: सरकार ने 2014 की अधिसूचना ...

असम विधानसभा के ठीक पहले प्रियंका गांधी को जिम्मेदारी

अब प्रत्याशियों के चयन कमेटी की अध्यक्ष बनी

  • पूर्वोत्तर में ताकत बढ़ाने जा रही कांग्रेस

  • इस कमेटी में तीन और सदस्य शामिल

  • असम में पहले से महागठबंधन बनाया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आगामी असम विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति को आक्रामक रूप देते हुए संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी आलाकमान ने अपनी सबसे प्रभावशाली नेता और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को असम के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त कर एक स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी इस पूर्वोत्तर राज्य को वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार है।

प्रियंका गांधी के नेतृत्व वाली इस महत्वपूर्ण समिति में पार्टी के तीन अन्य प्रमुख चेहरों—इमरान मसूद, सप्तगिरी शंकर उलका और डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद—को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस समिति का मुख्य कार्य जमीनी स्तर पर फीडबैक के आधार पर जिताऊ उम्मीदवारों का चयन करना और गुटबाजी को दरकिनार कर एक मजबूत सूची तैयार करना है।

असम के साथ-साथ कांग्रेस नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे चुनावी राज्यों के लिए भी समान स्क्रीनिंग कमेटियों की घोषणा की है, ताकि समय रहते उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाया जा सके। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव मार्च और अप्रैल 2026 में होने प्रस्तावित हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका गांधी को कमान सौंपकर कांग्रेस महिला मतदाताओं और युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।

इस चुनावी जंग को और अधिक रोचक बनाने के लिए कांग्रेस ने इस बार महागठबंधन का सहारा लिया है। भाजपा की घेराबंदी करने के लिए कांग्रेस ने सीपीआई(एम), रायजोर दल, असम जातीय परिषद, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस सहित कई क्षेत्रीय और वामपंथी दलों के साथ हाथ मिलाया है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को देखें तो पिछली विधानसभा में भाजपा ने 64 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि कांग्रेस महज 26 सीटों पर सिमट गई थी।

चुनावी बिगुल फूंकते हुए असम कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने सत्ताधारी दल पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। डिब्रूगढ़ में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार को तानाशाही और राजशाही का मिला-जुला रूप बताया।

गोगोई ने जनता से आह्वान किया कि यह चुनाव केवल उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि असम की आम जनता और एक अहंकारी सत्ता के बीच का संघर्ष है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नागरिकों के मौलिक अधिकारों और सवाल पूछने की लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को कुचल रही है। प्रियंका गांधी की सांगठनिक कुशलता और विपक्षी एकजुटता के दम पर कांग्रेस अब असम में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को पुनः प्राप्त करने की पुरजोर कोशिश कर रही है।