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बुलडोजर के खौफ से संभल में पीछे हटे ग्रामीण: प्रशासन की चेतावनी के बाद खुद ही ढहा दी मस्जिद

यूपी के संभल जिले में सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में प्रशासन एक्शन से पहले ही ग्रामीणों ने रात में ही मदीना मस्जिद को जमींदोज कर दिया. बुडलोडर एक्शन से पहले ही लोगों ने आधी रात को मस्जिद तोड़कर गिरा दी. प्रशासन के बुडलोडर आने से पहले ही मस्जिद को तोड़ दिया गया और पूरा मलबा भी साफ कर दिया गया.

संभल के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में करीब 439 वर्ग मीटर जमीन है. चकबंदी प्रक्रिया के तहत साल 2000 में गांव के गरीब परिवारों को आवास आवंटन के लिए इस जमीन को सुरक्षित किया गया था, लेकिन 2005 के लगभग इस जमीन पर कब्जा करके अवैध मस्जिद का निर्माण कर दिया. 14 जून 2025 की लेखपाल की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर राजस्व संहिता की धारा 67 के अंतर्गत मुतवल्ली हाजी शमीम को सुनकर कार्यवाही की गई.

आज चलता अवैध मस्जिद पर बुलडोजर

2 सितंबर 2025 को बेदखली का आदेश पारित किया गया और 8 लाख 78 हजार का जुर्माना लगाया गया. ऊवैस आलम के द्वारा इस कब्जे को स्वीकार करते हुए अन्य भूमि से विनिमय करने का प्रार्थना पत्र दिया गया क्योंकि धार्मिक कब्जे के आधार पर विनिमय किया जाना विधिक नहीं है. इसलिए विनिमय का प्रार्थना पत्र 18 दिसंबर को निरस्त कर दिया गया और खुद ही इस मस्जिद को तोड़ने के लिए कहा गया.

जब मस्जिद नहीं टूटी तो रविवार की सुबह 10 बजे 31 अधिकारियों के दलबल के साथ बुलडोजर के जरिए इस अवैध मस्जिद को प्रशासन जमीदोज करने आता, लेकिन उससे पहले ही शनिवार की रात को लोगों ने बुलडोजर के जरिए दो मंजिला मदीना मस्जिद को खुद ही गिरा दिया और मलबा भी यहां से साफ कर दिया.

हालांकि इस गांव में और मस्जिद से जुड़े हुए लोग कोई भी कैमरे पर बात करने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन यह साफ हो गया है कि प्रशासन के बुलडोजर के जरिए मस्जिद तोड़ने से पहले ही मस्जिद से जुड़े लोगों ने खुद ही पूरी रात में दो मंजिला मस्जिद को गिरा दिया.

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि शनिवार तक जिस जगह पर मदीना मस्जिद हुआ करती थी. वहां पर अब सिर्फ खाली जमीन है. इस जगह पर नमाज अदा की जाती थी, जहां पर वजू किया जाता था ,वह सारी जगह से अतिक्रमण हटाकर जमीन को समतल कर दिया गया है और मलबा भी हटा दिया गया है.