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“शराब की नदियों में बहा 2026 का स्वागत: रांची में जश्न का ऐसा रंग, ठेकों पर कम पड़ गया स्टॉक!”

वर्ष 2025 की विदाई और नए वर्ष 2026 की शुरुआत को यादगार बनाने के लिए झारखंड के लोगों ने उत्साह में लगभग 65 करोड़ रुपये की शराब का उपभोग किया. नए साल के स्वागत को लेकर 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 के बीच राज्यभर में लगभग 65 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की बिक्री हुई है.

पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नए साल के स्वागत की अवधि के दौरान 65 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री को बंपर और रिकॉर्ड बिक्री माना जा रहा है. सर्वाधिक शराब की बिक्री 31 दिसंबर को हुई, जब लगभग 30 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिकने का अनुमान है. वहीं 1 जनवरी को 18 से 20 करोड़ रुपये की शराब बिक्री का अनुमान लगाया गया है.

इसके अलावा केवल राजधानी रांची में नए वर्ष के उत्साह के दौरान 30 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच लगभग 10 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई है. झारखंड सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग द्वारा आधिकारिक आंकड़े आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कुल कितने करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई है.

हालांकि, झारखंड शराब व्यापारी संघ से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, नए वर्ष के उत्सव के दौरान तीन दिनों में राज्य में 65 से 70 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री होने का अनुमान है.

इसके साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि नए साल के जश्न के दौरान राजधानी रांची में नॉनवेज प्रेमियों ने जमकर मटन, चिकन और मछली का लुत्फ उठाया. आंकड़ों के अनुसार, नए साल के मौके पर राजधानी में 100 क्विंटल से अधिक चिकन और 15 से 18 हजार किलोग्राम मटन की बिक्री हुई.

वहीं नए साल के स्वागत और जश्न में शाकाहारी भोजन के शौकीन लोग भी पीछे नहीं रहे. राजधानी में निजी खटालों और पैक्ड दूध स्टोर्स से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार लगभग 1 से 1.10 लाख लीटर दूध की मांग रही. इसके अलावा 3 हजार किलोग्राम से अधिक पनीर की खपत हुई. साथ ही दूध से बने अन्य उत्पाद जैसे दही और पेड़े की भी जबरदस्त मांग देखने को मिली.

नए वर्ष के उत्साह के दौरान प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त रही. ड्रिंक एंड ड्राइव को लेकर सभी प्रमुख सड़कों पर वाहन जांच अभियान चलाया गया और पकड़े जाने पर जुर्माना लगाया गया. इसके साथ ही सभी पिकनिक स्पॉट, डैम, पार्क और वॉटरफॉल्स पर भी सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन द्वारा जांच अभियान चलाया गया. नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों और हुड़दंगियों पर सख्ती बरती गई.