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एक सौ पचास किलो विस्फोटक के साथ कार जब्त

नये साल की पूर्व संध्या पर पुलिस की सतर्कता

राष्ट्रीय खबर

जयपुरः देश में नए साल के स्वागत की तैयारियों के बीच, राजस्थान पुलिस ने टोंक जिले में एक बड़ी आतंकी या आपराधिक साजिश को विफल करने का दावा किया है। पुलिस ने एक संदिग्ध कार को रोका, जिसमें से 150 किलोग्राम अवैध ‘अमोनियम नाइट्रेट’ बरामद किया गया। यह विस्फोटक बेहद शातिराना तरीके से यूरिया उर्वरक की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा गया था ताकि सामान्य तलाशी के दौरान इस पर किसी की नजर न पड़े। प्रारंभिक जांच में इसे एक बड़े हमले की योजना से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक किसी बड़ी तबाही के लिए पर्याप्त है।

यह जब्ती भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसलिए भी गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि कुछ समय पहले ही, 10 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास एक बड़ा कार बम धमाका हुआ था। उस विस्फोट में 15 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी और चांदनी चौक जैसा व्यस्त इलाका दहल उठा था। उस घटना के बाद से ही देशभर में सुरक्षा अलर्ट जारी है। दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी अभी भी उस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुटी है जिसने लाल किले के पास हमला किया था। टोंक में मिली इस खेप के तार कहीं उसी मॉड्यूल से तो नहीं जुड़े हैं, पुलिस अब इस पहलू पर गहनता से छानबीन कर रही है।

पकड़े गए विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग अक्सर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस बनाने में किया जाता है। राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कार कहाँ से आ रही थी और इसका गंतव्य क्या था। नए साल की पूर्व संध्या पर जब सार्वजनिक स्थानों, मॉल और होटलों में भारी भीड़ होती है, ऐसे समय में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलना एक बड़ी सुरक्षा चूक या किसी गंभीर साजिश की ओर इशारा करता है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण राजस्थान में ऐसी गतिविधियों का मिलना चिंताजनक है। एनआईए की टीमें भी राजस्थान पुलिस के संपर्क में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई सक्रिय स्लीपर सेल फिर से सक्रिय तो नहीं हो गया है। पूरे राज्य में नाकेबंदी कड़ी कर दी गई है और संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। टोंक की इस बरामदगी ने एक बार फिर साबित किया है कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ने संभवतः एक बड़े हादसे को टाल दिया है।