Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
घुटना रिप्लेसमेंट की विकल्प तकनीक विकसित Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... देश की नौकरशाही पर लगाम कसने की नई चाल Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... शंकराचार्य मुद्दे पर योगी और केशव मौर्य की तल्खी Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7...

सेना के लिए 79,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी का फैसला

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: भारत की सैन्य क्षमताओं को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप ढालने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में भारतीय सशस्त्र बलों के लिए 79,000 करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति प्रदान की गई। यह विशाल निवेश न केवल भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के शस्त्रागार को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करेगा, बल्कि वैश्विक रक्षा पटल पर आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की संकल्पना को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।

ड्रोनों के खिलाफ अभेद्य सुरक्षा आधुनिक युद्ध कौशल में ड्रोनों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए, भारतीय सेना के लिए कई महत्वपूर्ण प्रणालियों को मंजूरी दी गई है। इसमें आर्टिलरी रेजिमेंटों के लिए लॉइटर मुनिशन सिस्टम शामिल है, जो हवा में रहकर दुश्मन के ठिकानों की टोह लेने और उन पर सटीक आत्मघाती हमला करने में सक्षम है।

सीमाओं की चौकसी के लिए कम ऊंचाई वाले हल्के रडार खरीदे जाएंगे, जो छोटे और धीमी गति से उड़ने वाले घुसपैठिया ड्रोनों को ट्रैक करेंगे। पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर के लिए लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट की मंजूरी से भारत की मारक सटीकता कई गुना बढ़ जाएगी। इसके अतिरिक्त, ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम एमके 2 युद्ध क्षेत्र और भीतरी इलाकों में सेना की महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

हिंद महासागर में बढ़ेगी निगरानी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए नौसेना को उन्नत तकनीक से लैस किया जा रहा है। डीएसी ने हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम को लीज पर लेने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। यह प्रणाली हिंद महासागर क्षेत्र में लगातार खुफिया जानकारी जुटाने और प्रभावी निगरानी रखने में सहायक होगी। साथ ही, हाई फ्रीक्वेंसी सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो की खरीद से बोर्डिंग और लैंडिंग ऑपरेशंस के दौरान लंबी दूरी का सुरक्षित संचार तंत्र स्थापित होगा।

आसमान में बढ़ेगी मारक क्षमता वायु सेना की ताकत बढ़ाने के लिए स्वदेशी अस्त्र एमके 2 मिसाइलों को मंजूरी दी गई है, जो दुश्मन के विमानों को काफी दूरी से ही ध्वस्त करने की क्षमता रखती हैं। हल्का लड़ाकू विमान तेजस के पायलटों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण देने के लिए फुल मिशन सिम्युलेटर खरीदा जाएगा, जो वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में सुरक्षित अभ्यास सुनिश्चित करेगा। वहीं, स्पाइस-1000 लॉन्ग रेंज गाइडेड किट वायु सेना की सटीक हमला करने की क्षमता को और अधिक घातक और अचूक बनाएगी। यह संपूर्ण खरीद प्रक्रिया भारत को रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करने और एक वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में उभरने में मदद करेगी।