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जिला अस्पताल जीपीएम में नशे में धुत्त लोगों का हंगामा, डॉक्टरों और कर्चमारियों से की मारपीट

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही: शुक्रवार की रात को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान जमकर हंगामा और मारपीट किये जाने की घटना सामने आई. आरोप है कि नशे की हालत में आए कुछ लोगों ने अचानक से मारपीट शुरू कर दी. नशे में धुत लोगों ने अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों, महिला चिकित्सकों, वार्ड बॉय, सुरक्षा और सफाई में लगे कर्मियों के साथ गाली-गलौच, धक्का-मुक्की और मारपीट की.

अस्पताल के वार्ड में मारपीट की घटना से मौके पर अफरा तफरी मच गई. इस मामले में सिविल सर्जन एवं मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. देवेन्द्र सिंह पैकरा की शिकायत पर गौरेला पुलिस ने गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

जिला अस्पताल में हंगामा और मारपीट

दरअसल, पूरा मामला 26 दिसंबर का है. थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक शाम करीब 7.30 बजे मरवाही क्षेत्र के भर्रीडांड गांव में सड़क हादसे में घायल दुर्गेश रजक, ईश्वर और विवेक को जिला अस्पताल इलाज के लिए लाया गया था. ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों द्वारा जांच के दौरान दुर्गेश रजक को मृत घोषित किया गया, जबकि अन्य ईश्वर और विवेक दोनों घायलों की हालत स्थिर बताई गई. आरोप है कि हादसे में घायल मरीजों के अटेंडर नशे की हालत में थे और बार-बार चिकित्सक कक्ष के पास पहुंचकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे.

मरीजों का इलाज अस्पताल में चल रहा था. हम लोग मरीजों का ध्यान रख रहे थे. इस दौरान कुछ लोग मौके पर आए डॉक्टरों और कर्चमारियों से बदसलूकी और मारपीट करने लगे. हमने पुलिस से कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए. इस तरह के माहौल में डॉक्टर और कर्चमारी काम नहीं कर सकते हैं: डॉ देवेंद्र पैकरा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, जीपीएम

सड़क हादसे के बाद मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान कुछ लोगों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों से झगड़ा और मारपीट की है. सूचना के आधार पर हमने शिकायत दर्ज कर ली है. जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी वो की जाएगी: श्याम सिदार, एसडीओपी, गौरेला

ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टरों से की बदतमीजी

रात में ड्यूटी चेंज के बाद महिला चिकित्सक द्वारा पुनः मरीजों की जांच की गई, लेकिन इसके बावजूद अटेंडरों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें परेशान किया. इसी दौरान रात करीब 9.30 बजे एक गंभीर हेड इंजरी का मरीज भर्ती हुआ, जिसे देखने में डॉक्टर व्यस्त थे, फिर भी दुर्घटना के मरीजों के परिजन हंगामा करते रहे. आरोप है कि अटेंडरों ने ऑक्सीजन लगाने और डॉक्टरों को वहीं खड़े रहने का दबाव बनाया, गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी दी. डॉक्टरों द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने वार्ड बॉय, सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मियों के साथ मारपीट की. जिसमें कुछ कर्मचारियों को चोटें आई हैं. स्थिति बिगड़ता देख तत्काल डायल-112 पर सूचना दी गई.

गौरेला थाने में दर्ज हुई शिकायत

अस्पताल में हुई घटना के बाद सिविल सर्जन की लिखित शिकायत पर गौरेला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 3(5), 351(3) सहित छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा एवं चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा एवं संपत्ति क्षति की रोकथाम) अधिनियम 2010 के तहत अपराध क्रमांक 0363/25 प्रार्थी सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र सिंह पैकरा की शिकायत पर सुनील रजक , मनीष रजक , संतोष रजक , प्रमोद रजक एवं अन्‍य के खिलाफ दर्ज किया गया. पुलिस का कहना है कि अस्पताल में ड्यूटी कर रहे चिकित्सकों और कर्मचारियों से मारपीट किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.