दंतेवाड़ा: नया साल आने वाला है, पुराना साल जाने वाला है. नए साल का स्वागत हर कोई अपने तरीके से करने की तैयारियों में जुटा है. बस्तर के ज्यादातर लोग नए साल के आने से पहले मां दंतेश्वरी के दरबार में माथा टेकने पहुंचते हैं. इस साल भी बड़ी संख्या में भक्त बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शनों के लिए दंतेवाड़ा पहुंचने लगे हैं. यहां दर्शन के लिए आए भक्तों का कहना है कि मंदिर तो बहुत बढ़िया है, लेकिन आस पास रुकने की अच्छी व्यवस्था नहीं है. अगर भक्तों के रहने और खाने का इंतजाम हो तो, भक्त यहां रुककर मां के दर्शनों का आनंद आराम से ले सकेंगे.
नए साल से पहले मां दंतेश्वरी के दरबार में पहुंचे भक्त
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि हर दिन सैकड़ों की संख्या में भक्त आ रहे हैं. भक्त आने वाले साल में सुख, समृद्धि की कामना लेकर मां की पूजा अर्चना कर रहे हैं. स्थानीय भक्तों के अलावा दूसरे राज्यों से भी भक्तों के आने का सिलसिला जारी है. मंदिर में दर्शन के लिए आए भक्तों का कहना है कि नगरीय प्रशासन की ओर से जो व्यवस्थाएं यहां की गई हैं वो कम हैं. सर्दी के दिनों में भक्तों के ठहरने का यहां कोई खास इंतजाम नहीं है. जो धर्मशालाएं बनी हैं उनमें व्यवस्थाओं की भारी कमी है. भक्त चाहते हैं कि सर्दी के दिनों में यहां लोगों को रुकने के लिए और बढ़िया इंतजाम जिला प्रशासन की ओर से किए जाने चाहिए. ताकि बाहर से आए भक्त यहां रुकें और आराम से मंदिर और आस पास के इलाके को देख सकें. कुछ भक्तों ने बताया कि वो देर शाम यहां आए और उनको पूरी रात सर्दी में गुजारनी पड़ी.
धर्मशालाओं में व्यवस्था बढ़ाने की मांग
जिला प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से रैन बसेरा और धर्मशालाओं की व्यवस्था जरूर की गई है, लेकिन नए साल को देखते हुए अचानक बढ़ी भीड़ के सामने ये व्यवस्थाएं बेहद कम पड़ गई हैं. मंदिर क्षेत्र की सभी धर्मशालाएं पूरी तरह भर चुकी हैं, वहीं रैन बसेरों में भी सीमित स्थान होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को जगह नहीं मिल पा रही. ऐसे में कई परिवार मंदिर परिसर, सड़कों के किनारे और खुले मैदानों में रात बिताने को मजबूर हैं. ठंड के इस मौसम में खुले आसमान के नीचे रात गुजारना श्रद्धालुओं के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई श्रद्धालु अपने साथ कंबल और चादर लेकर आए हैं, लेकिन दूर-दराज से आए अधिकांश भक्तों के पास ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं हैं.
मैं काफी सालों से यहां मां के दर्शनों के लिए आता रहा हूं. मैं चाहता हूं कि मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन दोनों मिलकर भक्तों की सुविधाएं के लिए जरुरी इंतजाम करे. सर्दी के मौसम में लोगों के रुकने के लिए अच्छी धर्मशालाएं होनी चाहिए. ये जगह और मंदिर दोनों विश्व विख्यात हैं. पर्यटकों को कोई असुविधा नहीं हो इसका इंतजाम किया जाना चाहिए: भक्त, रायपुर
जो धर्मशालाएं यहां बनी हैं उनमें पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है. हम चाहते हैं कि सुविधाएं और बढ़ाई जाएं. अगर रात के वक्त भी कोई भक्त यहां आता है तो उसके रुकने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित इंतजाम होने चाहिए: भक्त, बस्तर
कुछ भक्तों ने मांग की है कि जिला प्रशासन सर्दी को देखते हुए कंबल वितरण करे और अलाव की व्यवस्था करे. भक्तों ने अस्थायी शेड और टेंट लगाए जाने की भी मांग की है. भक्तों का कहना है कि नए साल से पहले और बाद में भारी भीड़ यहां आएगी तब लोगों को और दिक्कतें होंगी.