Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muzaffarpur Crime News: मुजफ्फरपुर में दिनदहाड़े प्रोपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या; मुंह और सीने मे... NEET UG Paper Leak: पेपर लीक मामले पर बड़ी कार्रवाई; संसदीय समिति ने NTA प्रमुख और शिक्षा मंत्रालय क... Kashmir Offbeat Tourism: दिल्ली-जयपुर की 44°C गर्मी से राहत; कश्मीर के 12,000 फीट ऊंचे 'रजदान पास' प... Bihar Politics JDU Row: जेडीयू में बड़ा घमासान; आनंद मोहन का नीतीश कुमार पर हमला—'थैली पहुंचाने वाले... Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बड़ी कामयाबी; भरूच में रेलवे ट्रैक के ऊपर 1... Kashmir Weather Update: कश्मीर में भी टूटा गर्मी का रिकॉर्ड; मई में जून-जुलाई जैसी तपिश, श्रीनगर में... NEET Paper Leak 2026: नीट पेपर लीक मामले के आरोपी शिवराज मोटेगावकर पर बड़ा एक्शन; पुणे में RCC क्लास... Ujjain Garbage Cafe: उज्जैन में कचरे के बदले मिलेगी चाय, कॉफी और भरपेट खाना; नगर निगम खोलने जा रहा 3... Moradabad Highway Stunt: दुल्हन के लिबास में बुलेट पर स्टंट करती दिखी युवती; दिल्ली-लखनऊ हाईवे का वी... Delhi Smart LED Project: दिल्ली की सड़कों के लिए 473 करोड़ की स्मार्ट LED योजना मंजूर; दीवाली तक चमक...

तीस साल बाद गुजरात के जंगलों में शेर पहुंचा

भारतीय शेरों के इलाके से पहली बार नई खबर आयी

  • शेर और तेंदुए पहले से ही वहां हैं

  • रतनमहल अभयारण्य में ठिकाना

  • ट्रैप कैमरे में तस्वीर कैद हुई है

राष्ट्रीय खबर

अहमदाबाद: वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में गुजरात ने आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। लगभग तीन दशकों के लंबे इंतजार के बाद, गुजरात ने एक बार फिर आधिकारिक तौर पर बाघों की उपस्थिति वाले राज्य का गौरवपूर्ण दर्जा प्राप्त कर लिया है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने राज्य के जंगलों में बाघ की सक्रिय मौजूदगी की पुष्टि कर दी है। इस महत्वपूर्ण विकास के साथ ही गुजरात अब देश का वह अनूठा राज्य बन गया है, जो एशियाई शेर, तेंदुए और बाघ—इन तीनों बिग कैट्स का प्राकृतिक निवास स्थान है।

इस ऐतिहासिक पुनरागमन की आधिकारिक घोषणा उस समय हुई जब गुजरात वन विभाग ने पुष्टि की कि एक भटकता हुआ बाघ अब दाहोद जिले के रतनमहल वन्यजीव अभयारण्य में स्थायी रूप से बस गया है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खुशी को साझा करते हुए लिखा कि 30 से अधिक वर्षों के बाद गुजरात शान के साथ भारत के टाइगर मैप पर वापस लौट आया है। उन्होंने बताया कि रतनमहल में कैमरा-ट्रैप साक्ष्यों के आधार पर एनटीसीए ने आगामी 2026 की बाघ गणना के लिए गुजरात को औपचारिक मान्यता प्रदान कर दी है।

राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि एनटीसीए की एक विशेषज्ञ टीम ने हाल ही में अभयारण्य का दौरा कर गहन अध्ययन किया था। टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में गुजरात में बाघों की संख्या फिलहाल एक दर्ज की गई है। मंत्री ने कहा, लगभग 8 महीने पहले हमारे स्टाफ ने पहली बार रतनमहल में इस बाघ को देखा था। निरंतर निगरानी से यह स्पष्ट हो गया है कि इस बिग कैट ने अब इस जंगल को अपना स्थायी घर बना लिया है।

बाघ के अस्तित्व को सुरक्षित बनाए रखने के लिए वन विभाग ने बेहद पेशेवर कदम उठाए हैं। विभाग ने जंगल के भीतर एक मजबूत शिकार की उपलब्धता तैयार करने के लिए बड़ी संख्या में शाकाहारी जानवरों को स्थानांतरित किया है ताकि बाघ को शिकार की कमी न हो। गौरतलब है कि इससे पहले 2019 में महिसागर जिले के लुनावाड़ा में भी एक बाघ देखा गया था, लेकिन दो हफ्ते बाद ही उसकी मृत्यु हो जाने से पुनरुद्धार की उम्मीदें टूट गई थीं। अब इस नई सफलता ने संरक्षणवादियों और प्रकृति प्रेमियों में नया उत्साह भर दिया है। गुजरात, जो पहले से ही एशियाई शेरों के एकमात्र घर के रूप में विश्व प्रसिद्ध है, अब बाघों की मौजूदगी से अपनी जैव विविधता में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ रहा है।