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मलेशिया की अदालत में पूर्व पीएम के खिलाफ फैसला आया

नजीब रजाक को लंबे समय की जेल की सजा

क्वालालामपुरः मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को अरबों डॉलर के 1 एमडीबी घोटाले से जुड़े सबसे बड़े मुकदमे में सत्ता के दुरुपयोग का दोषी पाया गया है। शुक्रवार को आए इस फैसले ने मलेशियाई राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, 1 एमडीबी स्टेट फंड से लगभग 4.5 बिलियन डॉलर की चोरी की गई थी, जिसमें से 1 बिलियन डॉलर से अधिक की राशि सीधे नजीब के निजी खातों में जाने का आरोप है।

नजीब पर भ्रष्टाचार के चार और मनी लॉन्ड्रिंग के 21 मामले दर्ज हैं। न्यायाधीश कोलिन लॉरेंस सेक़्वेरा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नजीब के खिलाफ पेश किए गए सबूत अकाट्य हैं। उन्होंने नजीब के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने इस पूरी जांच को राजनीतिक साजिश बताया था। अदालत ने पाया कि नजीब ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से धन अर्जित किया। इन आरोपों में उन्हें 15 से 20 साल तक की जेल और भारी जुर्माने की सजा हो सकती है। 72 वर्षीय नजीब पहले से ही भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में 2022 से जेल की सजा काट रहे हैं।
इस मामले में भगोड़े फाइनेंसर जो लो की भूमिका भी प्रमुख रही है। नजीब का दावा था कि उन्हें जो लो ने गुमराह किया और उन्हें लगा कि उनके खाते में आया पैसा सऊदी राजघराने का दान था। हालांकि, जज ने इसे अकल्पनीय बताते हुए कहा कि दान से जुड़े पत्र फर्जी प्रतीत होते हैं और सारा पैसा 1 एमडीबी फंड से ही आया था। यह फैसला प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की सरकार की स्थिरता के लिए भी एक परीक्षा माना जा रहा है, क्योंकि नजीब के समर्थक लगातार उन्हें घर में नजरबंद करने की मांग कर रहे थे। इस ऐतिहासिक फैसले ने मलेशिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है।