Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Shahdol Crime News: बदमाशों ने कियोस्क संचालक को बनाया निशाना, जानलेवा हमले के बाद की लूट Baba Bageshwar on Pakistan: भारत की जीत के बाद गरजे धीरेंद्र शास्त्री, पाकिस्तान को लेकर दिया बड़ा ब... सिंगरौली में भीषण सड़क हादसा: 2 बाइकों की जोरदार टक्कर में 3 लोगों की दर्दनाक मौत MP News: नौरादेही टाइगर रिजर्व में मिला बाघ का शव, दो दिन से स्थिर थी लोकेशन, वन विभाग में हड़कंप MP News: विधायक बाबू जंडेल ने तोड़े नियम, शिव बारात में हाथ में बंदूक लेकर की हर्ष फायरिं 22 साल बाद कश्मीर में मिला मध्य प्रदेश का 'दिनेश', फाइल हो चुकी थी बंद, जानें कैसे हुआ चमत्कार Isha Mahashivratri 2026: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सद्गुरु ने किन्हें दिया 'भारत भूषण पुरस्कार'? ज... Saudi Arabia News: 120 दिन बाद सऊदी से भारत आया शव, परिजनों ने क्यों कर दिया मना? अमेठी-प्रतापगढ़ हाइवे पर दर्दनाक हादसा: कार पर गिरा पेट्रोल पंप का बोर्ड, सपा नेता की मौत 'पत्नी बनाओ या जान दे दूंगी', मुरादाबाद में BJP नेता के घर पहुंची महिला का हंगामा

सेंगर की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

उन्नाव बलात्कार मामला में दिल्ली हाईकोर्ट का विरोध

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उन्नाव बलात्कार मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने और उसे जमानत देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है। जांच एजेंसी ने उच्च न्यायालय के इस आदेश की समीक्षा की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

दिसंबर 2019 में सेंगर को उम्रकैद और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। उसने जनवरी 2020 में दिल्ली उच्च न्यायालय में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की और बाद में मार्च 2022 में सजा के निलंबन की याचिका दायर की, जिसका सीबीआई और पीड़िता के वकील दोनों ने कड़ा विरोध किया था।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 दिसंबर, 2025 को अपील के निपटारे तक सेंगर की सजा को निलंबित कर दिया और कुछ शर्तों के साथ उसे जमानत दे दी। हालांकि, इस राहत के बावजूद, सेंगर की तत्काल रिहाई की उम्मीद नहीं है क्योंकि वह वर्तमान में हत्या से संबंधित एक अन्य सीबीआई मामले में 10 साल की सजा काट रहा है।

उच्च न्यायालय के आदेश की विस्तृत जांच के बाद, सीबीआई ने 26 दिसंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की। पीड़िता ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह सजा निलंबित करने के फैसले से डरी नहीं है और उसे न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है।

उसने कहा कि सेंगर की जमानत से उसके परिवार की सुरक्षा और आजीविका खतरे में पड़ गई है। पीड़िता ने कहा, इस आदेश ने मुझे और मेरे जैसी कई महिलाओं को कैद कर दिया है। मेरा परिवार खतरे में है। मेरे पति की नौकरी छूट गई है। हम अब क्या करें? उसने कानूनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि उसे डराकर चुप नहीं कराया जा सकता।