Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muslim Personal Law: शरिया कानून के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नो... Bihar Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana: अब किश्तों में मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें क्या हैं नई शर्ते... Gurugram News: गुरुग्राम जा रही बैंककर्मी महिला की संदिग्ध मौत, 5 महीने पहले हुई थी शादी; पति ने पुल... Bajrang Punia News: बजरंग पूनिया ने हरियाणा सरकार को घेरा, बोले- घोषणा के बाद भी नहीं बना स्टेडियम Sohna-Tawru Rally: विकसित सोहना-तावडू महारैली में धर्मेंद्र तंवर ने किया मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत Haryana Crime: महिला बैंककर्मी की हत्या का खुलासा, पति ही निकला कातिल, शक के चलते दी दर्दनाक मौत Faridabad News: फरीदाबाद में DTP का भारी एक्शन, अवैध बैंक्विट हॉल और गेम जोन पर चला 'पीला पंजा' Faridabad News: फरीदाबाद की केमिकल फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 48 से ज्यादा लोग झुलसे Punjab Drug Menace: सरेआम चिट्टे का खेल! इंजेक्शन लगाते युवकों का वीडियो वायरल, दावों की खुली पोल Fake Policeman Arrested: पुलिस की वर्दी पहनकर वसूली करने वाला 'फर्जी पुलिसकर्मी' गिरफ्तार

साल के अंत में रोबोटिक्स चिकित्सा में एक अच्छी खबर

सूक्ष्म रोबोटिक्स से भी होगा कैंसर का उपचार

  • आकार में बहुत ही छोटा है यह

  • यह स्वायत्त रुप से काम करता है

  • दूसरी कोशिकाओँ पर हमला नहीं करता

राष्ट्रीय खबर

रांचीः चिकित्सा विज्ञान ने हमेशा से ऐसी तकनीकों की खोज की है जो शरीर के स्वस्थ हिस्सों को नुकसान पहुँचाए बिना सीधे बीमारी की जड़ पर वार कर सकें। दिसंबर 2025 में वैज्ञानिकों ने इस दिशा में दो बड़ी सफलताएँ हासिल की हैं: प्रोग्रामेबल नैनो-रोबोट्स और कैंसर-रोधी बैक्टीरिया।

इंजीनियर्स और जीवविज्ञानी की एक संयुक्त टीम ने ऐसे रोबोट विकसित किए हैं जिनका आकार मात्र 200×300 माइक्रोमीटर (एक बाल की चौड़ाई से भी कम) है। ये रोबोट स्वायत्त हैं, जिसका अर्थ है कि इन्हें एक बार शरीर में डालने के बाद बाहर से नियंत्रित करने की आवश्यकता नहीं होती। ये रोबोट सेंसर से लैस हैं जो कैंसर कोशिकाओं की विशिष्ट रासायनिक पहचान को पहचान लेते हैं।

देखें इससे संंबंधित वीडियो

इन रोबोट्स की सबसे बड़ी खूबी इनका लॉजिक गेट सिस्टम है। ये तभी सक्रिय होते हैं जब इन्हें लक्षित कोशिका में कैंसर के लक्षण मिलते हैं। इससे कीमोथेरेपी के उन दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है जो अक्सर स्वस्थ कोशिकाओं के नष्ट होने के कारण होते हैं। इसी महीने एक अन्य शोध में शोधकर्ताओं ने एक विशेष बैक्टीरिया, जिसे इविंगेला अमेरिकाना कहा जाता है, का उपयोग करके एक नई इम्यूनोथेरेपी विकसित की है।

चूहों पर किए गए परीक्षणों में इस बैक्टीरिया ने ट्रोजन हॉर्स की तरह काम किया। यह बैक्टीरिया ट्यूमर के अंदर घुसकर उसे भीतर से खोखला कर देता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सचेत कर देता है कि वह ट्यूमर पर हमला करे। परिणाम यह रहा कि कोलोरेक्टल कैंसर के ट्यूमर पूरी तरह से गायब हो गए।

इन दोनों तकनीकों का मेल कैंसर के उपचार को पूरी तरह बदल सकता है। भविष्य में, ये नन्हे रोबोट शरीर की नसों में तैरते हुए कैंसर की पहचान करेंगे और बैक्टीरिया आधारित थेरेपी उसे जड़ से खत्म कर देगी। यह न केवल इलाज को सटीक बनाएगा, बल्कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को एक सामान्य इंजेक्शन के जरिए ठीक करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

#कैंसरइलाज #CancerCure #विज्ञानसमाचार #ScienceNews #नैनोरोबोट #Nanotechnology #चिकित्साक्रांति #MedicalBreakthrough #बायोटेक #Biotech2025