रात के अंधेरे में रक्षा प्रणालियों की परीक्षा
कीवः यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष ने इस सर्दी में एक और घातक अध्याय जोड़ दिया है। पिछले 12 घंटों के दौरान, रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके उपनगरीय इलाकों को निशाना बनाकर ईरानी निर्मित शहीद (कामिकेज़) ड्रोनों की एक नई और सघन लहर से हमला किया।
कीव के सैन्य प्रशासन के अनुसार, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य शहर के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था ताकि कड़ाके की ठंड में लोगों को बिजली और हीटिंग से वंचित किया जा सके। पूरी रात कीव का आकाश विमान भेदी मिसाइलों की रोशनी और विस्फोटों की गूंज से थर्राता रहा। शहर के मेयर ने बताया कि निवासियों को रात का एक बड़ा हिस्सा भूमिगत बंकरों और मेट्रो स्टेशनों में बिताना पड़ा।
यूक्रेनी वायु सेना ने एक आधिकारिक बयान में दावा किया कि उनकी गेपार्ड एंटी-एयरक्राफ्ट गन और पश्चिमी देशों द्वारा दी गई पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों ने लगभग 80 फीसद ड्रोनों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। हालांकि, शेष ड्रोनों या उनके मलबे के गिरने से कीव के मध्य भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण बिजली सब-स्टेशन और दो आवासीय ब्लॉक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
इन विस्फोटों के कारण लगी आग ने विकराल रूप ले लिया, जिसे बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ा। इस हमले में कई नागरिकों के घायल होने की सूचना है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को रूस की आतंकवादी रणनीति बताते हुए कहा कि दुश्मन युद्ध के मैदान में हारने के बाद अब आम नागरिकों को निशाना बना रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और अधिक उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों की मांग की है। दूसरी ओर, क्रेमलिन ने इन हमलों को रणनीतिक लक्ष्यों पर की गई कार्रवाई बताया है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब मिसाइलों के बजाय सस्ते ड्रोनों का उपयोग कर रहा है ताकि यूक्रेन की महंगी रक्षा प्रणालियों को थका सके और उनके भंडार को खाली कर सके। युद्ध की यह नई लहर दर्शाती है कि शांति की कोई भी संभावना फिलहाल क्षितिज पर दिखाई नहीं दे रही है।