Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Goraya-Phillaur Highway Accident: जालंधर-लुधियाना हाईवे पर ट्राले और बाइक की भीषण टक्कर; लुधियाना के... Jalandhar Powercom Action: जालंधर में बिजली बोर्ड का बड़ा एक्शन, नगर निगम की अवैध स्ट्रीट लाइटों के ... Punjab ED Action: मंत्री संजीव अरोड़ा के बाद अब पावरकॉम चेयरमैन पर शिकंजा; ईडी की पूछताछ टली, अब 20 ... Punjab Weather Update: पंजाब में 18 से 23 मई तक भीषण लू का अलर्ट; बठिंडा में पारा 43 डिग्री पार, जान... Ludhiana Cyber Fraud: दिन में बेचता था सब्जी, रात को बनता था इंटरनेशनल साइबर ठग; लुधियाना में मुनीश ... PSPCL Smart Phone Controversy: पावरकॉम में महंगे स्मार्ट फोन बांटने पर बवाल; बिजली कर्मचारियों ने लग... Ludhiana Crime News: लुधियाना में घिनौना जालसाजी; मृत पत्नी को जिंदा बताकर बैंक से लिया 12.81 लाख का... Yamunanagar Kidnapping Attempt: यमुनानगर में 10 साल के बच्चे के अपहरण का प्रयास, बाइक से गिरा मासूम ... Gurugram Crime News: गुड़गांव में जनगणना ड्यूटी में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 10 सरकारी कर्मचारियों के... Faridabad EV Fire: फरीदाबाद में चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी बनी आग का गोला, धुआं निकलते ही चालक ने कूदकर ...

ब्लादिमीर पुतिन बिना युद्ध रह नहीं सकतेः जेलेंस्की

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में यूक्रेन के राष्ट्रपति का संबोधन

म्यूनिखः यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में एक अत्यंत भावुक और कड़ा भाषण देते हुए वैश्विक नेताओं को आगाह किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध के बिना जीवित नहीं रह सकते। ज़ेलेंस्की का यह संबोधन एक विशाल स्क्रीन के सामने हुआ, जिस पर रूसी मिसाइल हमलों से तबाह हुए यूक्रेनी शहरों और नागरिक बुनियादी ढांचों की विचलित करने वाली तस्वीरें प्रदर्शित की जा रही थीं। इन तस्वीरों के माध्यम से उन्होंने दुनिया को रूस के आक्रमण की विभीषिका और निरंतर जारी क्रूरता की याद दिलाई।

ज़ेलेंस्की ने अपने भाषण के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट संदेश दिया कि रूस के साथ किसी भी प्रकार का समझौता तब तक संभव नहीं है जब तक कि वहां का नेतृत्व युद्ध को ही अपनी सत्ता का आधार मानता है। उन्होंने कहा, पुतिन शांति नहीं चाहते। उनका अस्तित्व ही विनाश और अस्थिरता पर टिका है। वह एक ऐसे नेता हैं जो युद्ध के बिना नहीं रह सकते, क्योंकि यही वह एकमात्र तरीका है जिससे वह अपनी शक्ति को बनाए रखते हैं और दुनिया को डराते हैं। ज़ेलेंस्की ने तर्क दिया कि पुतिन के लिए युद्ध केवल एक नीति नहीं, बल्कि उनके शासन की अनिवार्यता बन गई है।

म्यूनिख सम्मेलन, जिसे रक्षा का ऑस्कर भी कहा जाता है, में ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी सहयोगियों से हथियारों की आपूर्ति में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि हथियारों की कमी और सहायता में देरी का सीधा फायदा रूस को मिल रहा है। उन्होंने कहा, हथियारों का कृत्रिम अभाव केवल पुतिन की आक्रामकता को बढ़ावा देता है। यदि हमें समय पर लंबी दूरी की मिसाइलें और वायु रक्षा प्रणालियाँ नहीं मिलीं, तो यह केवल यूक्रेन के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन की जीत केवल उसकी सीमाओं की रक्षा नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय नियमों की रक्षा है।

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सम्मेलन में मौजूद राष्ट्राध्यक्षों और रक्षा विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सुरक्षा ढांचा पुतिन जैसे तानाशाह को रोकने में विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुतिन ने जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय संधियों को तोड़ा है और वह तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उन्हें सैन्य रूप से पराजित नहीं किया जाता। रूसी मिसाइल हमलों की पृष्ठभूमि में बोलते हुए उन्होंने भावुक स्वर में कहा, इन तस्वीरों को देखिए, ये केवल ईंट और पत्थर की बर्बादी नहीं है, ये उन सपनों की बर्बादी है जिन्हें पुतिन ने अपनी महत्वाकांक्षा की वेदी पर चढ़ा दिया है।