अरावली को लूटने की साजिश में मोदी सरकार
राष्ट्रीय खबर
जयपुरः राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर अरावली पर्वत श्रृंखला को खनन माफियाओं के हवाले करने का गंभीर आरोप लगाया है। जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि अरावली को नष्ट करने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची गई है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो रिपोर्ट सौंपी है, वह भारी दबाव में तैयार की गई है और इसमें राजस्थान की जीवन रेखा मानी जाने वाली अरावली की सुरक्षा की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में अरावली के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद इसे अवैध खनन कॉरिडोर में बदल दिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से अलवर के नेताओं को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलवर के सांसद भूपेंद्र यादव को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और संजय शर्मा को राज्य का वन मंत्री बनाना इसी एजेंडे का हिस्सा है। डोटासरा के अनुसार, राजस्थान में मुख्यमंत्री के पास ही खनन और गृह विभाग है, जो इस मिलीभगत को और संदिग्ध बनाता है।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि भाजपा एक तरफ सनातन धर्म के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन दूसरी तरफ अरावली में स्थित सैकड़ों प्राचीन मंदिरों और सांस्कृतिक स्थलों के अस्तित्व को खतरे में डाल रही है। उन्होंने परशुराम महादेव, हर्षनाथ, पांडुपोल हनुमान मंदिर और नीलकंठ महादेव जैसे पवित्र स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में खनन की अनुमति देना करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी बॉन्ड की तरह अब खनन लीज का उपयोग माफियाओं से चंदा वसूलने के लिए किया जाएगा। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि वह अरावली के संरक्षण के लिए सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष जारी रखेगी।