ऑस्ट्रेलिया के आतंकी हमले पर देश भर में विरोध
सिडनी, ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने हाल ही में सिडनी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बोंडी बीच पर हुए भयावह आतंकवादी हमले के बाद यहूदी समुदाय से आधिकारिक और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह माफी केवल एक औपचारिक संबोधन नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक और समाज में पनप रहे गहरे कट्टरपंथ की स्वीकारोक्ति के रूप में देखी जा रही है।
कुछ समय पूर्व बोंडी बीच के पास एक भीड़भाड़ वाले इलाके में चाकूबाजी और गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसने पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले के बाद जब संघीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच शुरू की, तो जो तथ्य सामने आए वे रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। जांच में पाया गया कि इस हमले को अंजाम देने वाले किशोर कोई बाहरी हमलावर नहीं थे, बल्कि उन्हें उनके अपने ही पिता ने हथियारों का प्रशिक्षण दिया था।
अधिकारियों के अनुसार, पिता ने बच्चों के मन में कट्टरपंथी विचारधारा का जहर घोला और उन्हें अकेले हमले के लिए तैयार किया। यह खुलासा ऑस्ट्रेलिया के लिए एक वेक-अप कॉल की तरह है, क्योंकि यह दर्शाता है कि कट्टरपंथ अब केवल इंटरनेट या बाहरी समूहों तक सीमित नहीं है, बल्कि घरों के भीतर परवरिश का हिस्सा बनता जा रहा है।
एक विशेष सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा, एक राष्ट्र के रूप में हम अपने यहूदी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं। यह देखना हृदयविदारक है कि घृणा की शिक्षा एक पिता द्वारा अपने ही बच्चों को दी जा रही है। मैं यहूदी समुदाय से इस दर्द और असुरक्षा के माहौल के लिए तहे दिल से माफी मांगता हूँ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं है और सरकार हर नागरिक की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा नीतियों पर नई बहस छेड़ दी है। सरकार ने अब डोमेस्टिक रेडिकलाइजेशन बिल लाने की घोषणा की है। इस प्रस्तावित कानून के तहत कुछ कड़े कदम उठाए जाएंगे। यदि कोई अभिभावक अपने बच्चों को कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल करता है या उन्हें हथियारों का प्रशिक्षण देता है, तो उन पर आतंकवाद की धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। सोशल मीडिया और डार्क वेब पर उन समूहों की कड़ी निगरानी की जाएगी जो किशोरों को निशाना बना रहे हैं। स्कूलों और समुदायों में घृणा-विरोधी शिक्षा के लिए विशेष बजट आवंटित किया जाएगा।
बोंडी बीच की घटना ने न केवल यहूदी समुदाय को भयभीत किया है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज के ताने-बाने पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रधानमंत्री की यह माफी और सरकार के सख्त तेवर बताते हैं कि ऑस्ट्रेलिया अब घरेलू स्तर पर पनप रहे आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।