Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
JPSC पेपर लीक मामला: CID ने पूर्व अध्यक्ष खियांगते को लिया हिरासत में, 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर... कई तटीय शहर समुद्र के बढ़ने से भी तेजी से डूब रहे दिल्ली विधानसभा में पेश 2024-25 की CAG रिपोर्ट: सब्सिडी में 172% की बढ़ोतरी, घटकर 3,695 करोड़ हुआ कै... जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: डीप-टेक रोबोटिक कंपनी से सीक्रेट कोडिंग और LiDAR सेंसर च... पेपर लीक के 'Proceeds of Crime' की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो... केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले— "राहुल हर दिन बदलते हैं गोलपोस्ट, फैला... मानसून सत्र के अंतिम 2 दिन: छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा को तैयार सरकार, क्या JPC को भेजा जाएगा FCRA संश... यह 79 फीट लंबा समुद्र का दैत्य हुआ करता था, देखें वीडियो दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, कहा— "First in My Bloodline" हर बेटी के सशक्ति... दिल्ली और झारखंड में छात्रों पर बल प्रयोग पर भड़के राहुल गांधी, राम मंदिर में कथित चोरी पर भी पीएम म...

बॉन्डी बीच हमले के बाद व्यापक गन बाय-बैक योजना लागू

प्रधानमंत्री अल्बनीस ने सरकारी फैसले का एलान किया

कैनबेराः ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने बॉन्डी बीच पर हुई दुखद गोलीबारी की घटना के बाद सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बड़ी राष्ट्रीय गन बाय-बैक (हथियार वापसी) योजना की घोषणा की है। कैनबरा में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य देश की सड़कों और समुदायों से अवैध, अतिरिक्त और हाल ही में प्रतिबंधित किए गए हथियारों को पूरी तरह हटाना है।

अल्बनीस ने कहा कि सरकार इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही संसद में नया कानून पेश करेगी। इस योजना के तहत, सरकार नागरिकों से हथियार खरीदेगी और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। इस भारी-भरकम लागत को साझा करने के लिए संघीय सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर काम करेगी। योजना के अनुसार, राज्य और क्षेत्रीय सरकारें हथियार इकट्ठा करने और भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होंगी, जबकि संघीय पुलिस उन्हें सुरक्षित रूप से नष्ट करने का कार्य करेगी।

प्रधानमंत्री ने इस कदम को 1996 के ऐतिहासिक पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण हथियार नियंत्रण पहल बताया है। गौरतलब है कि लगभग 30 साल पहले तस्मानिया के पोर्ट आर्थर में एक अकेले हमलावर ने 35 लोगों की हत्या कर दी थी, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया के सबसे सख्त बंदूक कानून लागू किए थे। उस समय गन एमनेस्टी के तहत 6.5 लाख से अधिक हथियार हटाए गए थे, लेकिन वर्तमान डेटा चिंताजनक है। आंकड़ों के अनुसार, अभी ऑस्ट्रेलिया में करीब 40 लाख हथियार मौजूद हैं, जो पोर्ट आर्थर हमले के समय की तुलना में भी अधिक हैं।

हमले के पीड़ितों को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री ने 21 दिसंबर को आधिकारिक शोक दिवस के रूप में घोषित किया है। इस दिन न्यू साउथ वेल्स सहित पूरे ऑस्ट्रेलिया की सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। इसके अतिरिक्त, नए साल की शुरुआत में एक औपचारिक राष्ट्रीय शोक दिवस का भी आयोजन किया जाएगा। जांच का हवाला देते हुए अल्बनीस ने पुष्टि की कि राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय ने एक ऑनलाइन वीडियो फीड की पहचान की है, जो यह साबित करती है कि बॉन्डी बीच की घटना आईएसआईएस की विचारधारा से प्रेरित थी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि बॉन्डी की भयावह घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि सुरक्षा के मोर्चे पर ढिलाई की कोई जगह नहीं है और हमें अपने समाज को सुरक्षित रखने के लिए कड़े कदम उठाने ही होंगे।