Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
CG Assembly News: स्काउट गाइड जंबूरी टेंडर विवाद ने पकड़ा तूल, विपक्ष ने उठाए भ्रष्टाचार के सवाल; सद... छत्तीसगढ़ के 73 लाख परिवारों की बल्ले-बल्ले! मुफ्त चावल के साथ चना-गुड़ पर साय सरकार का बड़ा फैसला; ... Chhattisgarh Assembly Session 2026: विधानसभा में गूंजा शराब घोटाला, भूपेश बघेल ने मांगी रिकवरी की जा... पॉश इलाके की कोठी में 'गंदा धंधा'! पुलिस की रेड में संचालिका और ग्राहक रंगे हाथों गिरफ्तार; हिरासत म... 15 साल का इंतजार और अब 'इंकलाब'! बैगा आदिवासियों के सब्र का बांध टूटा; अपनी ही जमीन के पट्टे के लिए ... सतना में जल संकट पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा 'एक्शन'! अब टैंकरों से घर-घर पहुँचेगा पानी; मंत्री ने अ... छतरपुर की बेटियों का दिल्ली में डंका! 3 महिला सरपंचों ने बदल दी गांव की तस्वीर; अब केंद्र सरकार के स... Chhatarpur LPG Raid: छतरपुर में अवैध गैस भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, एक घर से 21 रसोई गैस सिलेंडर जब्त;... Jiwaji University Seniority List: जीवाजी यूनिवर्सिटी की वरिष्ठता सूची में बड़ी लापरवाही, मृतकों और स... भोपाल में फिल्मी स्टाइल में लूट! बीच सड़क प्रॉपर्टी डीलर की कार रोकी, चाकू अड़ाकर ₹55 लाख से भरा बैग...

MP में 25 लाख वोटरों पर मंडराया संकट! SIR के बाद मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं लाखों नाम, जानें क्या आपका नाम सुरक्षित है?

मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. इस प्रक्रिया के तहत राज्य की मतदाता सूची से लगभग 25 लाख नाम कटने की संभावना जताई जा रही है. चुनाव आयोग की ओर से कराए गए SIR अभियान के दौरान सामने आए आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में मतदाता या तो अपात्र पाए गए हैं. इसके साथ ही उनकी जानकारी भी अधूरी है, जिसके चलते यह कार्रवाई प्रस्तावित है.

राज्य में कुल 5 करोड़ 76 लाख से अधिक गणना पत्रक जमा किए गए हैं. इन गणना पत्रकों के विश्लेषण के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं. आयोग के मुताबिक करीब 9 लाख मतदाताओं ने वर्ष 2003 से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई, जो मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए जरूरी मानी जाती है. इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि 8.5 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम अब तक मतदाता सूची में दर्ज थे.

SIR के दौरान एक और बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है. करीब 2.5 लाख मतदाताओं के नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं. एक ही व्यक्ति का दो जगह नाम होना चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, इसलिए ऐसे मामलों में नाम हटाने या सुधार की कार्रवाई की जाएगी.

आयोग की तरफ से जारी होगा नोटिस

चुनाव आयोग ने साफ किया है कि 23 दिसंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा. इस सूची के आधार पर आपत्तियां और दावे आमंत्रित किए जाएंगे. जिन मतदाताओं ने अधूरा गणना पत्रक भरा है, उन्हें आयोग की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि वे तय समयसीमा में अपनी जानकारी पूरी कर सकें. यदि निर्धारित समय में जानकारी नहीं दी गई, तो उनके नाम सूची से हटाए जा सकते हैं.

मतदाताओं की अधूरी जानकारी के कारण फॉर्म अधूरे

SIR की पूरी प्रक्रिया को 18 दिसंबर को बंद कर दिया गया था. हालांकि पहले इस अभियान की समय-सीमा बढ़ाई गई थी, ताकि ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को अपनी जानकारी अपडेट करने का मौका मिल सके. बावजूद इसके, बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें जानकारी अधूरी या गलत पाई गई है.

चुनाव आयोग का कहना है कि इस कवायद का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आने वाले चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जा सकें. वहीं, राजनीतिक दलों की नजर भी इस पूरी प्रक्रिया पर टिकी हुई है, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर नाम कटने से चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है.