भाजपा के मंत्री बोले इसके लिए पूर्व की आम सरकार जिम्मेदार
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केजरीवाल की सरकार बीमारी छोड़ गयी
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फिलहाल जनता को राहत देने का उपाय नहीं
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अन्य सारे उपाय किये जा चुके हैं पर लाभ नहीं
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को शहर में छाए जहरीले धुएं और खराब वायु गुणवत्ता के लिए नागरिकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दशकों से चली आ रही प्रदूषण की इस पुरानी बीमारी को किसी भी निर्वाचित सरकार के लिए महज 9 से 10 महीनों के कार्यकाल में पूरी तरह खत्म करना नामुमकिन है। सिरसा ने दिल्ली की मौजूदा स्थिति के लिए पिछली आम आदमी पार्टी सरकार की विफलताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वर्तमान प्रशासन को प्रदूषण विरासत में मिला है।
AQI में सुधार और तुलनात्मक आंकड़े आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए मंत्री ने बताया कि मंगलवार शाम 4 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 354 दर्ज किया गया। यह सोमवार के 427 के स्तर, जो गंभीर श्रेणी में आता है, की तुलना में काफी बेहतर है। सिरसा ने दावा किया कि उनके निरंतर हस्तक्षेप और दैनिक प्रयासों के कारण प्रदूषण के स्तर में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष के पहले आठ महीनों में दिल्ली की हवा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में काफी स्वच्छ रही है, जो सरकार की सक्रियता का प्रमाण है।
पीयूसी को लेकर कड़ी कार्रवाई की घोषणा प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए मंत्री ने एक बड़े प्रशासनिक फैसले की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुरुवार से राष्ट्रीय राजधानी के किसी भी पेट्रोल पंप पर उन वाहनों को ईंधन (पेट्रोल-डीजल) नहीं दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं होगा। वाहन मालिकों को इस नियम के पालन के लिए एक दिन का समय दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से सड़कों पर चल रहे पुराने और अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर लगाम लगेगी।
दीर्घकालिक योजनाएं और हॉटस्पॉट प्रबंधन प्रदूषण कम करने के अन्य प्रयासों के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों की ऊंचाई में 15 मीटर की कमी की गई है और कचरा साफ कर 45 एकड़ जमीन को पुनः प्राप्त किया गया है। इसके अलावा, शहर में 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की गई है, जहां विशेष टीमें तैनात हैं।
भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली में 7,500 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। सिरसा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी वर्षों सत्ता में रहकर कुछ नहीं कर पाई, वह अब विरोध प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।