Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Energy Security: दुनिया को ऑयल क्राइसिस से बचाएगा भारत का नया कॉरिडोर, ईरान के दबाव को देगा मात West Bengal News: हेमा मालिनी ने बंगाल के हालात को बताया 'सांस्कृतिक फासीवाद', लोकसभा स्पीकर को लिखी... Rahul Gandhi in Assam: जुबिन गर्ग की विचारधारा हिमंत सरमा के खिलाफ थी! असम में राहुल गांधी का बड़ा ब... बड़ी खबर: राघव चड्ढा पर AAP का कड़ा एक्शन! राज्यसभा उप नेता पद छीना, सदन में बोलने पर भी पाबंदी की म... Rahul Gandhi vs Govt: CAPF विधेयक पर राहुल का तीखा हमला! एनकाउंटर में पैर गंवाने वाले जांबाज का वीडि... West Bengal News: मालदा में जजों को बनाया बंधक! सुप्रीम कोर्ट भड़का, कहा—"ये जंगलराज है", CBI-NIA जा... Raja Ravi Varma Record: राजा रवि वर्मा की पेंटिंग ने रचा इतिहास! अरबपति साइरस पूनावाला ने करोड़ों मे... Nashik Police Controversy: आरोपियों से 'कानून का गढ़' बुलवाने पर विवाद, नासिक पुलिस के एक्शन पर उठे ... बड़ा झटका! दिल्ली-NCR में बंद हो सकती हैं 462 फैक्ट्रियां, CPCB की इस सख्ती से मचा हड़कंप; जानें वजह कानपुर की ‘बदनाम कुल्फी’ हुई गुम! LPG सिलेंडर की किल्लत ने बिगाड़ा स्वाद, 10 दिन से ग्राहक चख रहे धू...

चुनाव आयोग के काम के बाद अब टीएमसी करेगी अपना काम

घर घर जाकर जांचेगी हटाये गये वोटरों को

  • अपने कार्यकर्ताओं को दिया निर्देश

  • मे आई हेल्प यू काउंटर खोला गया

  • इतनी अधिक संख्या में वोटर कहां गये

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में मतदाता सूची के मसौदे में हुए बड़े बदलावों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। भारतीय चुनाव आयोग द्वारा जारी विशेष गहन संशोधन के आंकड़ों के अनुसार, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से लगभग 45,000 मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। इस बड़ी कटौती के बाद तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने बूथ-स्तरीय एजेंटों को निर्देश दिया है कि वे घर-घर जाकर इन हटाए गए नामों का भौतिक सत्यापन करें।

मतदाता संख्या में भारी गिरावट चुनाव आयोग के आधिकारिक डेटा के अनुसार, जनवरी 2025 तक भवानीपुर में कुल 2,06,295 पंजीकृत मतदाता थे। हालांकि, नए मसौदे के बाद यह संख्या घटकर अब केवल 1,61,509 रह गई है। इसका सीधा मतलब है कि लगभग 44,787 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जो कुल मतदाता आधार का लगभग 21.7 प्रतिशत है। पार्टी इस बात को लेकर बेहद चिंतित है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में कैसे डाल दिया गया।

विशिष्ट वार्डों और अल्पसंख्यक क्षेत्रों पर ध्यान पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भवानीपुर के तहत आने वाले कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 70, 72 और 77 में सबसे अधिक नाम काटे गए हैं। विशेष रूप से वार्ड नंबर 77, जो एक अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र है, उसे पार्टी ने विशेष निगरानी के लिए चिन्हित किया है। भवानीपुर एक सघन शहरी क्षेत्र है जहाँ ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों की भी अच्छी खासी संख्या है। TMC का मानना है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम बिना उचित जांच के हटाया जाना लोकतंत्र के खिलाफ है।

टीएमसी इस स्थिति से निपटने के लिए, स्थानीय नेतृत्व को प्रत्येक प्रभावित मतदाता के साथ खड़े होने का निर्देश दिया गया है। पार्टी ने इलाकों में मे आई हेल्प यू कैंप फिर से शुरू करने का फैसला किया है। ये कैंप उन लोगों की मदद करेंगे जिनके नाम कट गए हैं, ताकि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ फिर से आवेदन कर सकें या दावों और आपत्तियों की सुनवाई प्रक्रिया में भाग ले सकें। स्वयंसेवकों को निर्देश दिया गया है कि यदि आवश्यक हो तो वे व्यक्तिगत रूप से घरों का दौरा करें।

दक्षिण कोलकाता की अन्य सीटों का हाल यह समस्या केवल भवानीपुर तक सीमित नहीं है। दक्षिण कोलकाता की चार हाई-प्रोफाइल सीटों—भवानीपुर, कोलकाता पोर्ट, बालीगंज और रासबिहारी—में सामूहिक रूप से 2.16 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। जब SIR प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब इन चारों सीटों पर लगभग 9.07 लाख मतदाता थे, लेकिन अब इनमें करीब 24 प्रतिशत की कमी आई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पार्षदों की बैठकों का दौर जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले त्रुटियों को सुधारा जा सके।