Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सावन में सागर में मंडराया भीषण जलसंकट! राजघाट बांध में बचा सिर्फ 10 दिन का पानी, खाली पड़े बांध से च... कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर... सागर की बेटी का कमाल! कभी मां को खेलते देख सीखा शतरंज, आज अंजलि चौरसिया बनीं नेशनल खिलाड़ी व सीनियर ... भोपाल बड़ा तालाब अतिक्रमण विवाद: 303 अवैध निर्माण चिह्नित, NGT ने बनाई 4 सदस्यीय जांच टीम; 28 सितंबर... विदिशा की लुहांगी पहाड़ी पर 126वें वर्ष संपन्न हुआ पारंपरिक वायु परीक्षण, जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ गोरखपुर में 10 साल की मासूम की बेरहमी से हत्या, डायल-112 में तैनात आरोपी सिपाही गिरफ्तार नरसिंहपुर में कलेजा कांपने वाली घटना! ट्रेन से कटकर मां-बेटी की मौत, सिर धड़ से अलग होने पर भी सीने ... आईएएस तुकाराम मुंढे की कार्रवाई से होटल संचालकों में हड़कंप, 2 महीने में 1100 छापे और 50 से ज्यादा ल... दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज पर बादलों को चीरती गुजरी वंदे भारत, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने... जयपुर में दो दोहरे मर्डर केस का खुलासा: शराब के खर्च और बकरियों की रखवाली के विवाद में हत्या, 3 गिरफ...

अगले साल तक सर्पदंश से होने वाली मौतों को शून्य करने का लक्ष्य

राष्ट्रीय अध्ययन के लिए असम का डेमो मॉडल चयनित

  • आईसीएमआर ने अपना लक्ष्य तय किया है

  • सात राज्यों में चलेगा यह खास प्रोजेक्ट

  • इसके दायरे में झारखंड राज्य भी शामिल

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः भारत में सांप के काटने से होने वाले ज़हर के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, क्योंकि इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने 13.5 करोड़ रुपये की लागत वाले, चार साल के एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय अध्ययन को मंज़ूरी दी है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य देश भर में सांप के काटने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक यूनिफाइड और स्केलेबल मॉडल तैयार करना है। यह पहल, जिसका शीर्षक ज़ीरो स्नेकबाइट डेथ: कम्युनिटी एम्पावरमेंट एंड एंगेजमेंट फॉर मिटिगेशन ऑफ़ स्नेकबाइट एनवमनिंग है, सात राज्यों में लागू की जाएगी: असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड।

इस बहु-राज्यीय अध्ययन का नेतृत्व केरल के अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज के डॉ. जयदीप मेनन (प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर) करेंगे। यह प्रोजेक्ट जनवरी 2026 में शुरू होने वाला है और इसका मुख्य फोकस सामुदायिक जुड़ाव तथा रेफरल नेटवर्क को मज़बूत करना है ताकि ज़रूरी गोल्डन आवर के भीतर मरीज़ों तक जान बचाने वाला इलाज तेज़ी से पहुँच सके। आईसीएमआर हर भागीदार राज्य में फील्ड ऑपरेशन, मॉनिटरिंग और डेटा कलेक्शन के लिए एक रिसर्च साइंटिस्ट और चार टेक्निकल स्टाफ़ मेंबर को तैनात करेगा।

शिवसागर ज़िले के डेमो मॉडल को सफल ज़मीनी स्तर के हस्तक्षेपों में से एक के तौर पर चुना गया है, जिसका वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा और जिसे पूरे देश में दोहराया जा सकता है। यह मॉडल अपने मज़बूत कम्युनिटी वॉलंटियर्स नेटवर्क और त्वरित रेफरल सिस्टम के लिए जाना जाता है। इस रिसर्च में डेमो मॉडल के साथ-साथ महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और केरल के सिद्ध क्षेत्रीय तरीकों की तुलना और एकीकरण किया जाएगा, जिससे एक समग्र, समुदाय-संचालित हस्तक्षेप मॉडल तैयार हो सके।

इधर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राष्ट्रीय राजधानी में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें उपराष्ट्रपति बनने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें असम आने और राज्य के परिवर्तन और हालिया विकास प्रगति को देखने के लिए औपचारिक निमंत्रण भी दिया। इस गर्मजोशी भरी मुलाकात में उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री के भाव की सराहना की।

पद्मश्री से सम्मानित वयोवृद्ध पत्रकार प्रफुल्ल गोविंदा बरुआ का 94 वर्ष की आयु में गुवाहाटी के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। द असम ट्रिब्यून के संस्थापक राधा गोविंदा बरुआ की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, उन्हें असमिया पत्रकारिता में एक प्रमुख हस्ती माना जाता था, जिन्होंने नैतिक और स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन किया। उनके निधन से राज्य के मीडिया जगत में एक बड़ा खालीपन आ गया है।