ईडी की जांच में नई जानकारियों का खुलासा हो रहा है
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देश में चौदह अचल संपत्तियां मिली
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दुबई में एक बड़ा ज्वेलरी कारोबार
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विदेशों से काफी पैसा चंदा आया है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली धमाका मामले में जाँच के घेरे में आए फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक, जवाद अहमद सिद्दीकी से जुड़ी संपत्तियों को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। ईडी की विस्तृत जाँच में यह सामने आया है कि सिद्दीकी के नाम पर भारत में 14 अचल संपत्तियाँ हैं और दुबई में एक ज्वेलरी व्यवसाय भी है, जिसका कुल अनुमानित मूल्य लगभग 9.28 करोड़ रुपये रुपये है। इन संपत्तियों के सत्यापन और विस्तृत जाँच का कार्य अभी भी जारी है।
यह मामला तब शुरू हुआ जब राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने दिल्ली धमाके के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन आतंकियों – डॉ. शाहीन सईद, मुजम्मिल और अहमद राथर – को एक आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा पाया। इन सभी का संबंध अल-फलाह यूनिवर्सिटी से था, जिसके बाद ईडी ने यूनिवर्सिटी, इसके ट्रस्टियों और संबंधित व्यक्तियों के करीब दो दर्जन ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। इसी दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
छापेमारी के दौरान ईडी को भारी मात्रा में डिजिटल डेटा प्राप्त हुआ था। पैसों के लेन-देन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा करने के लिए, इस डेटा के विश्लेषण हेतु हाई-एफिशिएंसी सर्वर और जीपीयू सिस्टम का उपयोग किया गया। जाँच में यह भी पता चला है कि मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और हॉस्टल के निर्माण तथा कैटरिंग के बड़े ठेके सिद्दीकी और उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को दिए गए थे। इन कंपनियों में सिद्दीकी और उनकी बेटी की $49-49$ प्रतिशत हिस्सेदारी की बात भी सामने आई है।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि सिद्दीकी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है; उन्हें जनवरी 2000 में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था और वह चार साल तक जेल में रहे थे। इसके अलावा, ईडी की जाँच में अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन को विदेशों से धन प्राप्त होने, यूके से हज़ारों डॉलर आने, शारजाह में दो संपत्तियों और फंड के संदिग्ध बंटवारे से जुड़ी अन्य गोपनीय जानकारियाँ भी मिली हैं, जिनकी गहन जाँच की जा रही है।