Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
झारखंड विधानसभा में भारी बवाल! आजसू विधायक तिवारी महतो 'मार्शल आउट', भाजपा का वेल में हंगामा; जानें ... रांची में खराब मौसम का कहर! एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट नहीं कर सकी लैंडिंग; हवा में चक्कर काटने ... रांची में एलपीजी को लेकर हाहाकार! मिडिल ईस्ट युद्ध के खौफ से गैस एजेंसियों पर लगी लंबी कतारें; प्रशा... "अफसरों की मनमानी नहीं चलेगी!" बजट सत्र के 10वें दिन अचानक 'एक्शन' में आई बीजेपी; सदन में अफसरशाही क... Sahibganj Road Accident: साहिबगंज में बाइक हादसे का शिकार, दो दोस्तों की मौके पर ही मौत; ओवरस्पीडिंग... छत्तीसगढ़ में जापानी निवेश की लहर! सीएम विष्णु देव साय से मिले जापान के मंत्री आबे नोरिआकि; इंडस्ट्र... Dhamtari Sindhi Samaj Event: धमतरी में सास-बहू के अटूट रिश्ते का सम्मान, सिंधी समाज ने पेश की मिसाल;... सावधान! दुर्ग-रायपुर के बीच 18 मार्च तक बंद रहेगा कुम्हारी फ्लाईओवर; भारी जाम और रूट डायवर्जन की तैय... दुर्ग में गैस सिलेंडर पर 'महा-संग्राम'! कांग्रेस ने फूंका पुतला, बीजेपी बोली- "रसोई तक पहुँचा अंतररा... नक्सलवाद के 'डेथ जोन' में तिरंगा! अबूझमाड़ का बोटेर बना शांति का प्रतीक; जहाँ मारा गया था बसवराजू, व...

पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन? सवाल का RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया ये जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी कौन, जब यह सवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत से पूछा गया तो उन्होंने इस बहस में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया. भागवत ने कहा कि देश के अगले प्रधानमंत्री के बारे में विचार-विमर्श और फैसला पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और खुद नरेंद्र मोदी करेंगे.

यह पूछे जाने पर कि पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा, मोहन भागवत ने कहा, “कुछ सवाल मेरे दायरे से बाहर हैं. इसलिए इस बारे में मुझे कुछ भी कहना नहीं है.” उन्होंने आगे कहा, “मैं सिर्फ शुभकामनाएं दे सकता हूं, और कुछ नहीं. मोदी जी के बाद कौन, यह खुद मोदी जी और बीजेपी को तय करना है.”

उत्तराधिकार की बहस में शामिल नहीं

चेन्नई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होने गए भागवत के जवाब को खुले तौर पर इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि संघ का बीजेपी के अंदर उत्तराधिकार की बहस में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने यह बयान 9 दिसंबर को दिया था.

साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर भारत को “विश्वगुरु” के रूप में उभरना है तो जाति-आधारित और भाषायी विभाजन को खत्म करना ही होगा. भागवत ने कहा, “हमें RSS को एक लाख या उससे ज्यादा जगहों पर ले जाना है. हमें अपने देश में जाति और भाषायी विभाजन को खत्म करना है और एकता वाला समाज बनाना है.”

जनता के साथ हो संवाद प्रक्रियाः भागवत

संघ प्रमुख भागवत ने कल बुधवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में कहा कि जनता के साथ गहरी संवाद प्रक्रिया होनी चाहिए, क्योंकि आरएसएस की अब तक की यात्रा तथ्यों की तुलना में धारणाओं के जरिए फैली. उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए देशभर में नए-नए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें संघ के स्वयंसेवक लोगों से बातचीत करेंगे. उनके साथ संघ के बारे में सटीक और तथ्यात्मक रूप से जानकारी साझा करेंगे.