Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM Modi Meloni Viral Video: पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को गिफ्ट की 'मेलोडी' टॉफी! सोशल मीडिया पर व... Smartphone Cooling Tips: 45 डिग्री वाली गर्मी में पिघल जाएगा आपका महंगा फोन! इन 5 टिप्स से बचाएं ओवर... Nautapa 2026: इस साल कब से शुरू हो रहा है नौतपा? जानें रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर का समय और महत्व Litchi Capital of the World: भारत का वो शहर जिसे कहते हैं 'लीची की राजधानी'; संतरा-पपीता से भी ज्याद... BJP vs Rahul Gandhi: 'देश में आने वाला है आर्थिक तूफान...' रायबरेली में गरजे राहुल; बीजेपी ने बताया ... BC Khanduri Passes Away: पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी के निधन पर भावुक हुए पुष्कर सिंह धामी; पार्थिव शरीर... Bijnor Crime News: बिजनौर में बीजेपी नेता सुरेश भगत पर केस दर्ज; पुलिस के सामने घर में घुसकर पीटा, ग... Karnal Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा से पहले करनाल में बवाल; VIP पास को लेकर मारप... Indore Weather Update: इंदौर में गर्मी का 10 साल का रिकॉर्ड टूटा! सड़कों पर पसरा सन्नाटा, जानें मौसम... BRICS Summit Indore: इंदौर में ब्रिक्स युवा उद्यमिता बैठक आज से; केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ...

सरकार ने HKRN को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मानक संचालन प्रक्रिया की जारी

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने एक कड़ी मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है, जिसमें सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हरियाणा कौशल रोज़गार निगम लिमिटेड को देय एकमुश्त राशि का भुगतान समय पर और एकरूपता के साथ करें। इस प्रक्रिया में विशेष रूप से एक सरल व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारी भविष्य निधि के समयबद्ध और सुचारू अनुपालन पर बल दिया गया है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्डों के प्रबंध निदेशकों को भेजे गए पत्र में कहा है कि नई प्रक्रिया का उद्देश्य निगम के माध्यम से तैनात संविदा कर्मचारियों के लिए भुगतान में समानता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है।

इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी दायित्व—विशेषकर कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित—विभागों द्वारा भविष्य निधि खातों को सीधे संचालित किए बिना समय पर पूरे हो सकें।मानक संचालन प्रक्रिया में भुगतान प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं। कार्यालय प्रमुख को अभिलेख सत्यापित करने और वेतन वितरण में देरी रोकने के लिए समय पर प्रशासनिक स्वीकृति जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है। आहरण तथा संवितरण अधिकारी को इस प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका दी गई है। उन्हें बिल, उपस्थिति और तैनाती
अभिलेखों की जांच करनी होगी। निगम को देय राशि का भुगतान प्रत्येक माह की 7 तारीख से पहले सुनिश्चित करना होगा; निगम के पोर्टल पर कर्मचारी भविष्य निधि तथा कर्मचारी राज्य बीमा से संबंधित सही जानकारियाँ दर्ज करनी होंगी और कार्यमुक्ति या मातृत्व अवकाश से जुड़ी सूचनाएँ अद्यतन करनी होंगी।

उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी राज्य बीमा के अंतर्गत आने वाले किसी कर्मचारी की दुर्घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर निगम को भेज दी जाए और भुगतान केवल निगम के बिल में उल्लिखित निर्धारित बैंक खाते में ही जमा किया जाए।लेखा शाखा को सभी गणनाओं की जांच कर निगम के निर्धारित बैंक खाते में राशि भेजने का दायित्व सौंपा गया है। समन्वय अधिकारी को तैनात मानवबल से संबंधित अभिलेखों, आवश्यक स्पष्टीकरणों और विवाद निपटान के मामलों में निगम से तालमेल करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रक्रिया में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निगम द्वारा भेजे गए समेकित मासिक बिल में कर्मचारी विवरण, वेतन, वैधानिक अंशदान तथा सेवा शुल्क शामिल होंगे। आहरण तथा संवितरण अधिकारी को इन अभिलेखों की पुष्टि कर इन्हें कार्यालय प्रमुख को स्वीकृति हेतु भेजना होगा।

स्वीकृति मिलने के बाद विभाग को केवल निगम के निर्धारित बैंक खाते में ही भुगतान करना होगा। विभागों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित राशि भविष्य निधि संगठन में सीधे जमा न करें। सभी विभागों को एक मासिक भुगतान अभिलेख पंजी बनाए रखने तथा बिलों, उपस्थिति पत्रकों, भुगतान प्रमाणों और अन्य अभिलेखों को लेखा परीक्षा हेतु सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। संविदा कर्मचारियों की भविष्य निधि संबंधी शिकायतों का निपटान निगम के माध्यम से ही किया जाएगा।मानक संचालन प्रक्रिया में यह भी कहा गया है कि समय पर सत्यापन और भुगतान जारी करना निगम द्वारा वेतन वितरण तथा कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। किसी भी बिल में विसंगति पाए जाने पर इसे तीन कार्य दिवसों के भीतर निगम को सूचित करना अनिवार्य होगा। विभागों, बोर्डों और निगमों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे निगम के माध्यम से तैनात कर्मचारियों के साथ वेतन या भविष्य निधि से संबंधित किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष अनुबंध न करें। सभी आहरण तथा संवितरण अधिकारियों को इन नई प्रक्रियाओं का तत्काल और कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।