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मामूली विवाद पर चली ताबड़तोड़ गोलियां, इलाके में फैली दहशत

तरनतारन: पंजाब के तरनतारन में मामूली बात पर गोलियां चलने की वारदात सामने आई है। गली में बुलेट मोटरसाइकिल पार्क करने को लेकर हुए झगड़े में जान से मारने की नीयत से की गई फायरिंग में एक महिला समेत 3 लोगों के घायल हो गए है। इस संबंध में तरनतारन सिटी थाने की पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है, जबकि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गौरतलब है कि घटना को अंजाम देकर भागते समय आरोपियों की कार में अचानक आग लग गई, जिससे वह वहीं छोड़कर मौके से भाग गए। पुलिस को दिए बयानों में सूरज सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह निवासी गोहलवड़, तरनतारन ने बताया कि मैं मेहनत-मजदूरी करता हूं। मेरे घर के पास राजन उर्फ ​​गांधी पुत्र सकततर सिंह का घर है। कल दिनांक 6.12.2025 को शाम के करीब 6.30 बजे राजन उर्फ ​​गांधी अपने घर के बाहर खड़ा था और सुखमन सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह निवासी गोहलवाड़ अपने बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर आया। जब उसने अपना मोटरसाइकिल गली में खड़ा किया तो उसकी राजन उर्फ ​​गांधी के साथ बहस हो गई। वह अपने बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर गाली-गलौज करता हुआ वहां से चला गया। मुझे आस-पास के लोगों से पता चला कि उनकी बहस हुई थी।

फिर रात करीब 08.30 बजे सुखमन सिंह ने फोन करके अपने दोस्तों को बुला लिया और वे भी अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर आ गए। उनके पीछे उनके पिता सुखविंदर सिंह मुसल्ला लाठी लेकर बैठे थे और उनके साथी जगरूप सिंह पुत्र हरजिंदर सिंह निवासी पंडोरी तख्त मॉल, सुख कोटला, शाला, जशनप्रीत सिंह पुत्र मेजर सिंह निवासी कक्का कंडियाला, सूरज उर्फ ​​थोमा, प्रभ व जापान अपनी जैन कार में आए थे।

मैंने सुखमन के इन साथियों को सुखमन के साथ गांव में आने से पहले देखा है। फिर राजन उर्फ ​​गांधी के घर के बाहर खड़े सुखमन सिंह ने उसे ललकारा, जिस पर मैं भी शोर सुनकर घर से बाहर आ गया और राजन उर्फ ​​गांधी भी घर से बाहर आ गया और सुखमन सिंह ने कहा, पकड़ लो इसे, आज इसे मेरी मोटरसाइकिल पार्क करने से रोकने का मज़ा दे दो, आज इसे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगा, तो सुखमन के पिता सुखविंदर सिंह ने अपनी ही लाठी से राजन उर्फ ​​गांधी पर हमला कर दिया, जो उसकी पीठ पर लगी और उसके साथी उसे ललकारते हुए कार से बाहर आ गए। उसी समय जगरूप सिंह और सुख कोटला ने जान से मारने की नीयत से अपने पिस्तौल से राजन उर्फ ​​गांधी पर गोली चला दी, जो उसके सिर के ऊपर से निकल गई और गांधी मौके से भाग गया और मुझे राजन उर्फ ​​गांधी का साथी समझकर जगरूप सिंह ने मुझ पर गोली चला दी।

एक गोली मेरे दाहिने पैर के घुटने के थोड़ा नीचे लगी और दूसरी गोली सुख कोटला ने अपनी पिस्टल से चलाई जो मेरे दाहिने पैर में लगी। मैं घायल होकर ज़मीन पर गिर गया और चिल्लाया। मुझे उनसे बचाने के लिए गली से गुजर रहे पलविंदर सिंह उर्फ ​​अर्श पुत्र जसवंत सिंह और कोमल कौर पत्नी तरसेम सिंह, निवासी गोहलवड़ आगे आए। जगरूप सिंह और सुख कोटला ने उन पर भी गोलियां चलाईं। गोली पलविंदर सिंह उर्फ ​​अर्श के बाएं पैर की छत को छूती हुई निकल गई और दूसरी गोली कोमल प्रीत कौर के दाहिने पैर को छूती हुई निकल गई, जिससे वह घायल हो गई। इसी बीच हमारी चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठा होने लगे।

लोगों को इकट्ठा होते देख, ऊपर बताए गए सभी लोग हवा में गोलियां चलाते हुए और जान से मारने की धमकी देते हुए अपने हाथों में हथियार लेकर भागने लगे। सुखमन सिंह अपने पिता के साथ बुलेट मोटरसाइकिल पर भाग गया, जबकि उसके साथी अपनी कार स्टार्ट करके भागने लगे, तभी कार में अचानक आग लग गई और यह सभी साथी अपनी कार छोड़कर मौके से भाग गए। मेरे चाचा के बेटे गुरमीत सिंह, बेटे महिंदर सिंह और तरसेम सिंह, निवासी गोहलवार ने हमें इलाज के लिए सिविल अस्पताल, तरनतारन ले जाने का इंतजाम किया। जहां डॉक्टर ने हम सभी को गुरु नानक देव हॉस्पिटल, अमृतसर रैफर कर दिया।

आरोपियों पर केस दर्ज, आगे की जांच शुरू : डी.एस.पी. सिटी

जानकारी देते हुए डी.एस.पी. सिटी सुखबीर सिंह ने बताया कि इस बारे में पुलिस स्टेशन सिटी तरनतारन में सूरज सिंह के बयानों के आधार पर सुखमन सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, जगरूप सिंह, सुख कोटला, शाला, जशनप्रीत सिंह, सूरज उर्फ ​​थोमन, प्रभ और जापान के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।