प्रधानमंत्री कार्यालय में डिजिटल कम्युनिकेशन और मीडिया रणनीति के प्रमुख व्यक्ति माने जाने वाले हिरन जोशी इन दिनों सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में गरमागरम चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। उनके कथित रूप से पीएमओ से हटने, वापस आने की अटकलों, और विपक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण उनकी भूमिका पर गहन सवाल उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हाल ही में यह चर्चा जोरों पर थी कि हिरन जोशी को पीएमओ से चुपचाप हटा दिया गया है। जोशी, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल साम्राज्य और मीडिया संवाद को नियंत्रित करने के लिए पीएम मोदी की आँख और कान के रूप में जाना जाता है, 12 अक्टूबर, 2025 के बाद से मीडिया कर्मियों के व्हाट्सएप फीड से कथित तौर पर गायब थे।
उनकी अनुपस्थिति ने कई अटकलों को जन्म दिया। हालांकि, 5 दिसंबर, 2025 के आसपास की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अचानक उन व्हाट्सएप समूहों में वापसी की है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी स्थिति क्या है। इन अटकलों को कुछ विश्लेषकों ने प्रसार भारती के सीईओ नवनीत सहगल के कथित इस्तीफे से भी जोड़कर देखा, जिससे यह धारणा बनी कि पीएमओ में बड़े स्तर पर फेरबदल हो रहे हैं।
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने 3 दिसंबर, 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे हिरन जोशी का नाम लिया। कांग्रेस ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए और पीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा। खेड़ा ने आरोप लगाया कि जोशी ने भारतीय लोकतंत्र की हत्या करने और मीडिया का गला घोंटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा है कि हितेश जैन (जो लॉ कमीशन के सदस्य थे और जोशी के करीबी माने जाते थे) का इस्तीफा भी इसी बेटिंग ऐप से जुड़े कानूनों में कथित तौर पर ढील दिलाने की कोशिशों से संबंधित हो सकता है।
जोशी पर पहले भी मीडिया कवरेज को प्रभावित करने के आरोप लग चुके हैं। 2022 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन पर टीवी चैनलों पर आम आदमी पार्टी की कवरेज को सीमित करने और संपादकों को कथित तौर पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया था।
इसी बात पर एक नई फिल्म का एक गीत याद आ रहा है। यह गीत साइंस फिक्शन रोमांटिक कॉमेडी फिल्म तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया का टाईटल गीत है। इस गीत को लिखा है तनिष्क बागची ने और संगीत में ढाला है राघव और तनिष्क बागची ने। इसे राघव, तनिष्क बागची और असीस कौर ने अपना स्वर दिया है। फिल्म में इसे शाहिद कपूर और कृति सैनन पर फिल्माया गया है। गीत के बोल इस तरह हैं
रख लूँ सज़ा के तुझे सीने से लगा के
आजा गले लग जा, गले लग जा
ख़्वाब बना के तुझे दिल में छुपा के रखूँ
मेरे पास आ, मेरे पास आ
तू मुलाक़ातों में, काली रातों में
बातों ही बातों में दिल दे दिया
तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया
बैठे ही बैठे मैंने दिल खो दिया
तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया
बैठे ही बैठे मैंने दिल खो दिया
(राग द्वारा गाया गया भाग)
इस दिल की राहों से, बहकी निगाहों से
क़ातिल अदाओं से तुझको है फँसाना
कुछ मीठी बातों से, कुछ झूठे वादों से
पक्के इरादों से दिल को है चुराना
रख लूँ सज़ा के तुझे सीने से लगा के
आजा गले लग जा, गले लग जा
ख़्वाब बना के तुझे दिल में छुपा के रखूँ
मेरे पास आ, मेरे पास आ
तू मुलाक़ातों में, काली रातों में
बातों ही बातों में दिल दे दिया
तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया
बैठे ही बैठे मैंने दिल खो दिया
तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया
बैठे ही बैठे मैंने दिल खो दिया
रख लूँ सज़ा के तुझे सीने से लगा के
आजा गले लग जा, गले लग जा
ख़्वाब बना के तुझे दिल में छुपा के रखूँ
मेरे पास आ, मेरे पास आ
तू मुलाक़ातों में, काली रातों में
बातों ही बातों में दिल दे दिया
तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया
बैठे ही बैठे मैंने दिल खो दिया
तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया
बैठे ही बैठे मैंने दिल खो दिया
चूँकि इन सभी चर्चाओं, अटकलों, और विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर पीएमओ या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है, इसलिए हिरन जोशी की वर्तमान भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता अस्पष्ट बनी हुई है। दूसरी तरफ दिल्ली से लौटने के बाद अपने हेमंत सोरेन भी इसी तर्ज पर हैं। चर्चा उनके पाला बदलने की हो रही है जबकि उनके समर्थक झूकेगा नहीं का राग अलाप रहे हैं।