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राज्यसभा में TMC-केंद्र आमने-सामने: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- ‘बंगाल की उपेक्षा का आरोप गलत, TMC ने रोका राज्य का विकास’

संसद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन यानी गुरुवार को राज्यसभा में सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण टीएमसी के सदस्यों के आरोपों का जवाब दिया. दरअसल, टीएमसी ने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल की उपेक्षा का आरोप लगाया था. मगर सीतारमण ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि केंद्र ने पश्चिम बंगाल को कभी नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि टीएमसी सरकार ही पश्चिम बंगाल के विकास को नुकसान पहुंचा रही है.

पश्चिम बंगाल से 448 लिस्टेड कंपनियां चली गईं

बहस के दौरान टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि राज्य को 1.75 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी मुआवजा और अन्य फंड्स का भुगतान नहीं किया गया है. इसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल 2011 से 30 सितंबर 2025 तक पश्चिम बंगाल से 448 लिस्टेड कंपनियां और 6,447 अनलिस्टेड कंपनियां चली गईं. राज्य की जीडीपी ग्रोथ रेट पहले 10% थी, जो अब घटकर 3% रह गई है.

‘TMC लोगों के अधिकारों का हनन कर रही है’

वित्त मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से बंगाल 2019 में खुद हट गया, जो लोगों के हित में नहीं है. इसके अलावा, केंद्र की योजनाओं में अनियमितताएं पाई गईं. सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने राज्य को विकास परियोजनाओं में बढ़ावा दिया है, लेकिन टीएमसी की भ्रष्टाचार के कारण राज्य का विकास रुक रहा है. उद्योग राज्य छोड़ रहे हैं और टीएमसी ग्रामीण लोगों के अधिकारों का हनन कर रही है.

मनरेगा बकाया के आरोपों पर वित्त मंत्री ने कहा कि मार्च 2022 से नियमों का पालन न करने के कारण धनराशि रोक दी गई है. जुलाई 2025 में राज्य ने स्वीकार किया कि 4 जिलों से 4.81 करोड़ रुपये वसूले गए हैं और अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. टीएमसी सांसदों ने वित्त मंत्री सीतारमण के जवाब से असंतुष्ट होकर टीएमसी सांसदों ने वॉकआउट किया.

लोकसभा में हिंदी बोलने पर हुआ विवाद

वहीं, लोकसभा में सीतारमण के हिंदी बोलने पर विवाद हो गया. वित्त मंत्री ‘हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल’ के फायदे हिंदी में समझा रही थीं. तभी टीएमसी के सांसद सौगत रॉय खड़े हो गए और कहा कि मैडम ने पूरा भाषण हिंदी में दिया. मैं बंगाली हूं, मुझे हिंदी ठीक से समझ नहीं आई. इस पर स्पीकर जगदंबिका पाल ने रॉय से कहा कि सदन में हर भाषा का लाइव अनुवाद उपलब्ध है. आप बंगाली में भी सुन सकते हैं. बिल की कॉपी भी पहले से मिली हुई है, आप पढ़ सकते हैं. इसके बाद फिर निर्मला सीतारमण ने खुद जवाब दिया कि मैं हिंदी में बोलूं, तमिल में बोलूं या अंग्रेजी में बोलूं आपको परेशानी क्या है? सदन में ट्रांसलेटर लगे हैं, आप अपनी भाषा में सुन सकते हैं.