Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सुकमा के तुमलपाड़ में क्रेशर प्लांट और खदान के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मनीष कुंजाम बोले— बिन... कुलगाम आतंकी हमले में शहीद भूपेंद्र भैना के परिजनों का छलका दर्द: अंतिम दर्शन तक नहीं हुए; पूर्व सीए... धमतरी में सावन के पहले सोमवार पर उफना शिवभक्ति का सैलाब: 33 वर्षों से जारी पारंपरिक कांवड़ यात्रा मे... धमतरी में गूंजा 'हर-हर महादेव': इंडोर स्टेडियम में 251 पार्थिव शिवलिंगों का सामूहिक रुद्राभिषेक, उमड... मध्य प्रदेश की राजनीति को बड़ा झटका, पूर्व कैबिनेट मंत्री पारस चंद्र जैन का 76 वर्ष की आयु में निधन मध्य प्रदेश में 60% मूंग की MSP पर खरीदी शुरू, सागर के खरीदी केंद्रों पर फर्जीवाड़ा और अवैध वसूली का... राजा रघुवंशी मर्डर केस: सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द होते ही नया विवाद! शादी के कैटरिंग बिल के ₹2.82 ल... भोपाल के 3500 व्यापारियों को बड़ी राहत, सीलिंग कार्रवाई पर CM मोहन यादव ने लगाई रोक; 10 सदस्यीय समित... रतलाम में दिल दहला देने वाली वारदात: बच्चों के सामने मोबाइल व्यापारी ने चाकू गोदकर की पत्नी की हत्या... रतलाम में लुटेरी दुल्हन गैंग की आशंका: शादी के 5 दिन बाद छत से रस्सी के सहारे भाग रही थी दुल्हन, गिर...

हिसार में हत्या प्रयास में मां-बेटी को 3 साल कैद, 500 रुपए जुर्माना भी लगाया

हिसार : हिसार जिले के गांव संडोल की रहने वाली मां-बेटी को हत्या प्रयास के मामले में 3 साल की कैद हो गई है। यह फैसला हिसार की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अनुदीप कौर भट्‌टी की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने मां-बेटी पर 500 रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।

दरअसल बता दें कि 2020 में अग्रोहा में लड़ाई झगड़े के दौरान गांव संडोल के जसवंत की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने सुनील, प्रदीप, मोनी देवी, सुनीता और निर्मला पर बीएनएस की धारा 147, 149 और 302 के तहत केस दर्ज किया था। मगर बाद में कोर्ट में 302 का मामला 307 में कंवर्ट हो गया। कोर्ट ने माना यह हत्या जानबूझकर नहीं की गई। लड़ाई झगड़े के दौरान जसवंत की मौत हुई थी। इस मामले की सुनवाई 4 साल, 9 महीने और 14 दिन चली।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी अपराधी को पूरी तरह से समाप्त करने वाला या पूरी तरह से सुधारने वाला नहीं मानना चाहिए। सजा सुनाते समय अपराधी की उम्र, पिछला रिकॉर्ड, सुधार की संभावना अपराध की परिस्थितियां माऔर यने रखती हैं। अदालत ने माना कि दोषियों ने अपने कार्य के परिणामों का पूरा ज्ञान होने के बावजूद अपराध किया, लेकिन उनकी जीवन की कठिनाइयों और उम्र को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।