Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dates Production: खजूर के कारोबार में खाड़ी देशों को पछाड़ रहा ये छोटा मुल्क; एक्सपोर्ट में बनाया नय... PM Kisan 22nd Installment: इस दिन आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त! लेकिन इन किसानों को नहीं मिलेंगे 2... Valentine's Day Scam: वैलेंटाइन डे पर प्यार के नाम पर 'लूट'! इन 3 ऑनलाइन स्कैम से रहें सावधान, खाली ... Mahabharata Mystery: शकुनि नहीं, बल्कि ये पात्र था महाभारत का असली खलनायक! भगवान कृष्ण ने भी किया था... Glowing Skin Tips: चेहरे पर आएगा कुदरती नूर! ये 5 चीजें अपनाएं, बिना मेकअप भी फोटो में दिखेंगी कमाल Sunetra Pawar Cabinet Meeting: सुनेत्रा पवार की पहली कैबिनेट बैठक, अजित दादा के 3 बड़े सपनों को दी म... Raja Bhaiya Shastra Puja: मां शारदा के गर्भगृह में राजा भैया ने की शस्त्र पूजा; मैहर से वीडियो वायरल... Manipur Violence: मणिपुर के उखरुल में फिर भड़की हिंसा, 50 से ज्यादा घर फूंके; पूरे जिले में 5 दिन के... Ajit Pawar News: प्लेन क्रैश के दिन जहां प्रचार करने वाले थे अजित पवार, वहां NCP की 'बंपर' जीत; पुणे... Congress vs Om Birla: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव, लेकिन राहुल गांधी ने न...

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सज़ा

युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने भी बांग्लादेश पर फैसला दिया

ढाकाः बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने हाल ही के विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सज़ा सुनाई है। यह फैसला बांग्लादेश की पहले से ही ध्रुवीकृत राजनीति में एक भूचाल लाने वाला कदम है। लंबे समय तक देश पर शासन करने वाली हसीना को उनके राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों का सामना करना पड़ा था।

इस फैसले ने उनकी पार्टी, अवामी लीग, और देश भर में उनके समर्थकों के बीच भारी विरोध और आक्रोश पैदा कर दिया है। उनकी पार्टी ने इस फैसले को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और ‘न्यायिक हत्या’ करार दिया है। राजधानी ढाका और अन्य प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर घेराव और विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की गई है, जिसके चलते सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

न्यायाधिकरण ने हसीना को सेना के साथ मिलीभगत कर बांग्लादेश की स्वतंत्रता का विरोध करने और अत्याचारों में शामिल होने का दोषी पाया है। हालांकि, इस सज़ा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी, लेकिन इस फैसले ने देश के राजनीतिक माहौल को अत्यधिक तनावपूर्ण बना दिया है और राजनीतिक अस्थिरता की आशंका को बढ़ा दिया है।