छतरपुर: महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मंगलवार को विश्वकप विजेता और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की असाधारण प्रतिभा के सम्मान में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. खेल जगत में बुंदेलखंड के गौरव को नई पहचान दिलाने वाली क्रांति गौड़ को इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से 1 लाख रुपए की सम्मान राशि से सम्मानित किया गया. इसके अलावा क्रांति गौड़ के कोच राजीव बिलथरे को 21 हजार रुपए से सम्मानित किया गया.
क्रांति गौड़ के सम्मान में भव्य आयोजन
छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया था. जहां कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी ने विश्वविद्यालय की ओर से 1 लाख रुपए की राशि से सम्मानित किया. इसके अलावा उनके कोच को 21 हजार रुपए से सम्मानित किया.
बुंदेलखंड की बेटी ने बड़े-बड़े मैदानों में लहराया परचम
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सिंह ने बताया कि “क्रांति गौड़ केवल एक उत्कृष्ट क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, संघर्ष, धैर्य और लक्ष्य साधना का जीवंत उदाहरण है.” वहीं, कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी ने कहा कि “बहुत हर्ष का विषय है, मन रोमांचित है कि हमारी अपनी इस भूमि की बेटी क्रांति गौड़ ने बड़े-बड़े मैदानों पर अपना परचम लहराया है. विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भी हमारी बेटी क्रांति गौड़ ऑफ द मैच रही. आराम का रास्ता आराम तक ही ले जाता है और मेहनत का रास्ता विश्व कप तक ले जाता है. दोस्तों तय कर लीजिए, मन में निश्चय कर लीजिए कि आपको कौन सा रास्ता चुनना है.”
जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगी क्रांति गौड़
महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए संवाद कर अपने संबोधन में कहां कि, ”मैं चाहूंगी कि ज्यादा से ज्यादा बुंदेलखंड की लड़कियों को भारतीय क्रिकेट टीम तक ले जाऊं. मैं अपने परिवार के लिए बहुत कुछ करना चाहती थी, यही मेरी सबसे बड़ी इंस्पिरेशन रही. अभी मुझे इस बुंदेलखंड की माटी के लिए एवं बुंदेलखंड की लड़कियों के लिए बहुत कुछ करना है. अभी तो बुंदेलखंड से कई क्रांतियां निकालना हैं.” उनका कहना है कि इनाम की जो राशि मिली है उसे यूनिवर्सिटी के जरूरतमंद बच्चों पर खर्च करेंगी. इसके अलावा क्रिकेट के शौकीन बच्चों का एकेडमी में एडमिशन और पढ़ाई का खर्च उठाने की बात कही है.
राज बहादुर सिंह बुंदेला की स्मृति में की क्रिकेट की शुरुआत
क्रांति गौड़ अपने गांव की एक साधारण क्रिकेटर थी, लेकिन मन में बड़ी क्रिकेटर बनने का जुनून था. क्रांति गौड़ का जन्म बुंदेलखंड के घुवारा में 11 अगस्त 2003 को हुआ था. उनके पिता का नाम मुन्ना सिंह और माता का नाम नीलम सिंह है. क्रांति 6 भाई और बहनों में सबसे छोटी हैं. एक मध्यवर्गीय परिवार में क्रांति की परवरिश हुई. क्रांति ने अपने जीवन का पहला मैच नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राज बहादुर सिंह बुंदेला की स्मृति में आयोजित महिला टूर्नामेंट में खेला था. सागर की टीम में एक मेंबर की कमी पूर्ति के लिए रखा गया था. जहां उन्होंने दो विकेट लिए और 25 रन बनाए थे.क्रांति ने साल 2017 में पहली बार लेदर बॉल से क्रिकेट मैच खेला और मैन ऑफ द मैच बनी. उन्होंने सागर डिवीजन की अंडर 16 टीम की कप्तानी की और उसे 2018-19 में फाइनल तक पहुंचाया. इसी साल वूमेन प्रीमियर लीग में यूपी वॉरियर्स ने उन्हें 10 लाख रुपए में खरीदा. जहां उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ चार विकेट लिए और 25 रन बनाए. इस शानदार प्रदर्शन का क्रम यूं ही जारी रहा और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के विश्व कप विजेता बनने में अपनी अहम भूमिका निभाई.