Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नई सामग्री से सूरज की रोशनी से पराबैगनी प्रकाश, देखें वीडियो Banmankhi Junction News: उद्घाटन से पहले ही टपकी अमृत भारत स्टेशन की छत; 21.5 करोड़ के निर्माण की खु... Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा अपडेट; आरोपियों के घर से हुई ज्वेलरी और कैश की रिकवर... Maharashtra Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा; विपक्ष का बड़ा हमला, सरकार पर उठा... Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर का 4 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार; भारत भ... Ram Mandir Donation Scam: 'चढ़ावा चोरों' का सामाजिक बहिष्कार शुरू; अयोध्या बार एसोसिएशन ने केस लड़ने ... Himachal Pradesh Model Panchayat: टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला; पशु क्रूरता पर जुर्माना और पर्यावरण संर... West Bengal UCC Update: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी; ड्राफ्ट कमेटी का ह... Noida School Timing Changed: भीषण गर्मी के चलते नोएडा-ग्रेटर नोएडा के स्कूलों का समय बदला; अब इस समय... Ram Mandir CEO Controversy: राम मंदिर प्रशासन में CEO नियुक्ति का संत समाज ने किया विरोध; 'सरकारी हस...

विश्व रंग में शामिल होंगे 70 देशों के कला प्रेमी, 27 से 30 नवंबर तक भोपाल में कई हस्तियां

भोपाल: भारतीय लोक कलाओं, संस्कृति और साहित्य को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राजधानी भोपाल में 7वें विश्व रंग का आयोजन किया जा रहा है. 27 से 30 नवंबर तक होने वाले 4 दिवसीय कला महोत्सव में 70 देशों के कला प्रेमी शामिल होंगे. इसमें फैजल मलिक, अभिनेत्री दिव्या दत्ता और सिंगर सोना महापात्र के साथ एक हजार से अधिक साहित्यकार और कलाकार शामिल हो रहे हैं. इसका आयोजन रवींद्र भवन सभागार में किया जाएगा.

एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन

विश्व रंग के निदेशक संतोष चौबे ने बताया कि “भोपाल में बीते 6 सालों से निरंतर विश्व रंग का आयोजन हो रहा है. यह हमारा सातवां आयोजन है. इसकी शुरुआत 15 देशों के साहित्य और कला प्रेमियों के साथ हुई थी लेकिन अब यह 70 देशों तक पहुंच चुकी है. यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक समागम है. इसमें 90 सत्र होंगे.

रविंद्र सभागार में ही 10 अलग-अलग मंचों पर इन सत्रों का आयोजन किया जाएगा. यह कार्यक्रम 21वीं सदी की चुनौतियों को लेकर केंद्रित है. ये चुनौतियां साहित्य, कविता, संस्कृति, सामाजिकता, विकास की दृष्टि समेत अन्य मृद्दों को लेकर हो सकती हैं. इस प्रकार के समग्र दृष्किोण पर यह कार्यक्रम आयोजित होगा. इसमें धरती के भविष्य और ईको सिस्टम समेत अन्य विचारों पर चर्चा की जाएगी.”

मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति भी होंगे शामिल

विश्वरंग के सह निदेशक सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि “हर बार इस कार्यक्रम को रवींद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी और विश्व रंग द्वारा आयोजित किया जाता था लेकिन पहली बार इसमें मध्य प्रदेश शासन भी सहभागिता कर रहा है. इसका शुभारंभ राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रुपन करेंगे. विभिन्न 6 भारतीय भाषाओं में काम करने वाले 6 लोगों को विश्व रंग मानद अलंकरण भी प्रदान किया जाएगा. इसमें वैचारिक सत्र में डॉ नंद किशोर आचार्य और संतोष चौबे 21वीं सदी के सवालों पर चर्चा करेंगे. नई सदी में नये कौशल पर अंकुर वारीकू के साथ चर्चा होगी.”

विश्व रंग में ये हस्तियां होंगी शामिल

सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि “विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी. नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है. इसमें फैजल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ‌ द्विवेदी, देवदत पटनायक, सुमित अवस्थी और पुष्पेष पंत समेत कई लोग शामिल हो रहे हैं. ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और सेंटर हैं.

इनके साथ डॉ. नंदकिशोर आचार्य, ममता कालिया, शिवमूर्ति, ज्ञानप्रकाश विवेक, स्वानंद किरकिरे, अनामिका, अष्टभुजा शुक्ल, मुकुल शर्मा, नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, दिव्या माथुर, महादेव टोप्पो, उर्मिला शिरीष, मनीषा कुलश्रेष्ठ, विनोद तिवारी और ओम थानवी समेत अन्य हस्तियां शामिल होंगी.”

27 से 30 नंवबर तक इन कार्यक्रमों का आयेाजन

विश्व रंग की सह निदेशक डॉ अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि “शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है. इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाइट एंड साउंड के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी. समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य अहिल्या रूपेण संस्थिताश् का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा. प्रयास रंग समूह नागपुर के 50 से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है.”

इटली, यूक्रेन और स्वीडन समेत कई देशों के लोग शामिल

इस आयोजन में कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 70 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे. यूक्रेन का आठ वि‌द्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा.

विश्व रंग मानद अलंकरण

हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली 6 विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा. इस बार के चयनित साहित्यकारों में ममता कालिया (हिन्दी), हरीश मीनाश्रु (गुजराती), चन्द्रभान खयाल (उर्दू), एचएन शिवप्रकाश (कन्नड़), लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और परेश नरेन्द्र कामत (कांकणी) शामिल हैं. 27 नवंबर की शाम विश्व रंग के उ‌द्घाटन सत्र में अलंकरण भेंट किये जाएंगे.

पारंपरिक व्यंजनों की मिलेगी सौगात

रवीन्द्र भवन में टंट्या भील सभागार आदिरंग की गतिविधियों का केन्द्र होगा. यहां जनजातीय साहित्य, संस्कृति, कला और पारंपरिक शिल्प कला कौशल पर एकाग्र वैचारिक सत्रों के साथ ही विश्व रंग फाउण्डेशन ‌द्वारा निर्मित दो हेरिटेज फ़िल्मों गणगौर गाथा तथा संजा के प्रदर्शन भी होंगे.

इस प्रकोष्ठ में जनजातीय विरासत पर केन्द्रित शिल्पों और चित्रों की दीर्घा भी आकर्षण का केन्द्र होगी. कठपुतली कला की जनसंचार उपयोगिता पर प्रस्तुति-सह-प्रदर्शन भी होगा. इसके साथ ही परिक्लपना, संयोजन और विस्तार के अद्वितीय प्रतिमान गढ़ रहे विश्व रंग में आए आगंतुकों को पारंपरिक व्यंजनों की सौगात भी मिलेगी.