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प्लूटो जैसे ग्रह वाई की खोज

खगोल विज्ञान को फिर हैरान किया नई अंतरिक्ष खोज ने

  • हमारे सौरमंडल से ठीक बाहर है यह

  • अब तक दूरबीनों से भी अदृश्य था

  • पृथ्वी से दस गुणा बड़ा हो सकता है

राष्ट्रीय खबर

रांचीः खगोलविदों ने हमारे सौरमंडल के बाहरी किनारे पर एक नए ग्रह की मौजूदगी के अत्यंत नए और मजबूत सांख्यिकीय सुराग खोजे हैं, जिसे अस्थायी रूप से प्लैनेट वाई नाम दिया गया है। यह खोज एक दशक से चली आ रही उस बहस को फिर से हवा देती है कि क्या नेपच्यून की कक्षा से बहुत दूर, क्यूपर बेल्ट के पार, एक विशाल, अभी तक अदृश्य ग्रह मौजूद है।

यह नया वैज्ञानिक अध्ययन क्यूपर बेल्ट में मौजूद छोटे, बर्फीले पिंडों के असामान्य कक्षात्मक झुकाव पर केंद्रित है। खगोलविदों ने इन दूरस्थ पिंडों के पथों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया और पाया कि ये सभी एक साथ समूहित होकर एक ही दिशा में झुक रहे हैं। इस तरह के व्यवस्थित और सामूहिक व्यवहार की व्याख्या केवल एक बहुत बड़े, अज्ञात ग्रह के मजबूत गुरुत्वाकर्षण बल की उपस्थिति से ही की जा सकती है, जो इन छोटे पिंडों को अपनी कक्षा में खींच रहा है।

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वैज्ञानिक अनुमानों के अनुसार, प्लैनेट वाई का अनुमानित द्रव्यमान पृथ्वी के लगभग 10 गुना हो सकता है। इसकी सूर्य से औसत दूरी प्लूटो की तुलना में लगभग 20 गुना अधिक होने की संभावना है, जो इसे सौरमंडल के सुदूर और अंधेरे क्षेत्रों में रखता है।

यद्यपि प्लैनेट Y को अभी तक किसी भी शक्तिशाली टेलीस्कोप से सीधे तौर पर नहीं देखा गया है, फिर भी इसकी उपस्थिति के पक्ष में गुरुत्वाकर्षण प्रभाव का सांख्यिकीय और गणितीय प्रमाण काफी मजबूत माना जा रहा है। यदि इन साक्ष्यों की पुष्टि हो जाती है, तो यह ग्रह हमारे सौरमंडल के विकास और संरचना के बारे में हमारी वर्तमान समझ को मौलिक रूप से बदल देगा। इसकी पुष्टि होने पर, इसे सौरमंडल का नौवां प्रमुख ग्रह (या प्लूटो-जैसे एक बड़े बौने ग्रह) माना जा सकता है। इस रोमांचक खोज ने दुनिया भर के खगोलविदों के बीच अगले कुछ वर्षों में इसकी सीधी तस्वीर लेने और इसके अस्तित्व को निर्णायक रूप से साबित करने की होड़ शुरू कर दी है।

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