राजद ने नीतीश सरकार के कई मंत्रियों पर प्रश्न किया
राष्ट्रीय खबर
पटनाः बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई सरकार के मंत्रिमंडल पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने तीखा हमला किया है। आरजेडी ने गुरुवार को उन 10 मंत्रियों के नाम सार्वजनिक किए जो कथित तौर पर विभिन्न राजनीतिक परिवारों से संबंध रखते हैं। पार्टी ने इसे सत्ताधारी दल के परिवारवाद-मुक्त राजनीति के दावों के विपरीत बताया है।
आरजेडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह सूची साझा करते हुए तंज कसा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से ये नेता बिहार की राजनीति से परिवारवाद खत्म कर नया बिहार बनाएंगे। इस सूची में शामिल मंत्रियों में सम्राट चौधरी, संतोष कुमार सुमन, दीपक प्रकाश, श्रेयसी सिंह, रमा निषाद, विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, सुनील कुमार और नितिन नवीन शामिल हैं। आरजेडी का यह पोस्ट यह साबित करने का प्रयास है कि सत्ता पक्ष अपने परिवारवाद विरोधी प्रचार के बावजूद राजनीतिक विरासत वाले नेताओं को ही मंत्रिमंडल में प्राथमिकता दे रहा है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में लगातार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके साथ राज्य की नई कैबिनेट के 26 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद ही आरजेडी के इस कदम ने नई सरकार को परिवारवाद के आरोपों के घेरे में ला दिया।
इससे पहले, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी थी। उन्होंने नव-गठित मंत्रिपरिषद के सदस्यों को शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की थी कि नई सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरते हुए अपने वादों और घोषणाओं को पूरा करेगी तथा बिहारवासियों के जीवन में सकारात्मक व गुणात्मक परिवर्तन लाएगी।
आरजेडी के इस आरोप ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर से वंशवाद बनाम योग्यता की बहस को हवा दे दी है, खासकर तब जब भाजपा और उसके सहयोगी दल अक्सर परिवार-आधारित राजनीति की आलोचना करते रहे हैं। आरजेडी का यह कदम सत्ता पक्ष के दोगलेपन को उजागर करने की एक रणनीतिक कोशिश प्रतीत होती है। इस सूची के सार्वजनिक होने से राजनीतिक गलियारों में गरमाहट बढ़ गई है और यह आगामी राजनीतिक विमर्श का एक केंद्रीय मुद्दा बन सकता है।