एनआईए ने ग्यारह दिन का रिमांड लिया है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अमेरिका से प्रत्यर्पित करने के बाद, आज एक विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उसे 11 दिनों की रिमांड पर भेज दिया गया है। अनमोल बिश्नोई लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और उस पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला और शिवसेना नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
एजेंसी का मानना है कि अनमोल बिश्नोई की रिमांड से इन हाई-प्रोफाइल हत्याओं के पीछे की अंतरराष्ट्रीय साजिशों और फंडिंग के स्रोतों का खुलासा हो सकता है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या ने देश भर में सनसनी फैला दी थी, और जांच में पता चला था कि हत्या की साजिश विदेशों से रची गई थी। अनमोल बिश्नोई के प्रत्यर्पण को भारत की कूटनीतिक और कानूनी एजेंसियों की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब अमेरिका ने इतने गंभीर आरोपों का सामना कर रहे एक गैंगस्टर को प्रत्यर्पित किया है।
एनआईए अब अनमोल बिश्नोई से गिरोह के वित्तीय लेनदेन, हथियारों की खरीद-फरोख्त और कनाडा व अन्य देशों में बैठे गिरोह के सदस्यों के साथ उसके संचार के बारे में गहन पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी का यह भी मानना है कि अनमोल गिरोह के क्रिप्टो-करेंसी और हवाला नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है, जिसका उपयोग आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जाता था।
मूसेवाला और सिद्दीकी दोनों की हत्याओं में अंतर्राष्ट्रीय लिंक सामने आए थे, और माना जा रहा है कि अनमोल बिश्नोई इस अंतर्राष्ट्रीय ड्रग-हथियार-रैकेट की कुंजी है। एनआईए की प्राथमिकता यह पता लगाना है कि गिरोह भारत में अपने ऑपरेशन को कैसे संचालित कर रहा था और इसके लिए उसे किन-किन लोगों से मदद मिल रही थी। इस रिमांड अवधि में होने वाली पूछताछ से न केवल इन हत्याओं के सभी पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है, बल्कि देश में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान को भी मजबूती मिलेगी। अनमोल बिश्नोई का प्रत्यर्पण यह संदेश देता है कि अपराध करने वाले व्यक्ति दुनिया में कहीं भी छिप नहीं सकते।