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जापान और चीन के बीच तीसरे देश का तनाव

ताइवान पर तकरार से सुरक्षा चेतावनी

टोक्योः जापान और चीन के बीच राजनयिक तनाव हाल ही में काफी बढ़ गया है, जिसकी वजह मुख्य रूप से ताइवान पर जापानी नेतृत्व की टिप्पणियाँ हैं। इस तकरार के बाद, जापान ने चीन में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह कदम दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच बिगड़ते संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए इसके संभावित प्रभावों को दर्शाता है।

ताइवान, जिसे चीन अपना क्षेत्र मानता है और बलपूर्वक अपने नियंत्रण में लेने की धमकी देता रहा है, पर जापान के नए नेता द्वारा की गई टिप्पणी ने बीजिंग को नाराज़ कर दिया है। जापान के नेता ने संकेत दिया था कि यदि चीन ताइवान पर हमला करता है, तो टोक्यो सैन्य रूप से हस्तक्षेप कर सकता है। इस टिप्पणी को चीन ने अपनी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन माना और जापान के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

राजनयिक विवाद के परिणामस्वरूप, चीन ने जापान के खिलाफ आर्थिक और सांस्कृतिक प्रतिशोध के कदम उठाए हैं। चीनी यात्रियों ने जापान की अपनी लाखों यात्राएं रद्द कर दी हैं, जिससे जापानी पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, चीन ने जापानी फिल्मों की रिलीज को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह तनाव केवल ताइवान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच पूर्वी चीन सागर में द्वीपों को लेकर लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवाद और ऐतिहासिक शिकायतों से भी जुड़ा हुआ है।

जापान द्वारा अपने नागरिकों के लिए जारी की गई सुरक्षा चेतावनी चीनी राष्ट्रवाद की संभावित वृद्धि और जापानी नागरिकों या व्यवसायों को निशाना बनाने वाले विरोध प्रदर्शनों के जोखिम के बारे में चिंता को दर्शाती है। जापानी सरकार ने अपने नागरिकों से स्थानीय विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने और चीनी अधिकारियों के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचने का आग्रह किया है।

यह तनाव अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए भी चिंता का विषय है, जो चीन के बढ़ते सैन्य प्रभाव का मुकाबला करने के लिए क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ताइवान पर जापान का रुख, अमेरिका-जापान सुरक्षा गठबंधन की मजबूती को दर्शाता है, लेकिन साथ ही, यह एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए एक नाजुक संतुलन बनाने की आवश्यकता को भी उजागर करता है।