Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Supreme Court Verdict: विवाहित बेटियां भी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार; सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुर... Gwalior Crime News: सौतेला पिता ही निकला 13 वर्षीय छात्रा का हत्यारा; शव को नदी में मगरमच्छों के बीच... MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा तोहफा; 21 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति, स्वामित्व ... CBSE Class 12th Results: ऑन-स्क्रीन मार्किंग में धांधली का आरोप; NSUI ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की... Ahmedabad Sports Club Bomb Threat: अहमदाबाद स्पोर्ट्स क्लब में ब्लास्ट की धमकी; लश्कर और दाऊद इब्राह... Yogi Adityanath in Kushinagar: कुशीनगर को बड़ी सौगात; फाजिलनगर अब कहलाएगा 'पावागढ़', सीएम योगी ने किय... DK Shivakumar CM News: कर्नाटक के नए मुखिया डी.के. शिवकुमार; शिक्षिका ने याद किए स्कूली दिन, कहा- 'न... ED Raids on Drugs Network: दाऊद इब्राहिम के करीबी सलिम डोला पर ईडी का शिकंजा; मुंबई से राजकोट तक 20 ... Bihar Politics: बंगले पर घमासान! राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के आदेश पर भड़की RJD, सम्राट चौधरी का... Mathura Crime News: फर्जी साधु का पर्दाफाश; हाई-पैकेज वाली युवतियों को फंसाकर करता था दुष्कर्म और ब्...

मोगा में दिहाड़ी मजदूर को $35$ करोड़ का टैक्स नोटिस! हैरान करने वाला खुलासा, क्या आधार कार्ड से हुआ बड़ा ‘फर्जीवाड़ा’?

पंजाब के मोगा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दिहाड़ी मजदूर को जीएसटी डिपार्टमेंट ने 35 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा है. जानकारी के अनुसार, कोरोना काल के दौरान पीड़ित व्यक्ति की मदद करने वाले कुछ लोग उसका आधार कार्ड सहित अन्य डॉक्यूमेंट ले गए थे. पीड़ित ने उन्हीं पर गलत तरीके से उसके डॉक्यूमेंट इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. फिलहाल इस मामले से हर कोई हैरान है.

मोगा जिले के बोहना गांव में रहने वाले अजमेर सिंह मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे हैं. उन्हें जीएसटी डिपोर्टमेंट ने 35 करोड़ रुपए टैक्स भरने के लिए नोटिस भेजा है. ऐसा पहली बार नहीं है, इससे पहले भी उन्हें साल 2022 में 21 लाख रुपए टैक्स जमा करने का नोटिस मिला था. उस दौरान भी अमजेर ने शिकायत की थी, लेकिन कोई उचित कार्रवाई न होने के चलते अब आए नोटिस नेउन्हें सकते में डाल दिया है.

मजदूर के नाम पर बनी फर्जी कंपनी

लुधियाना GST दफ्तर जाकर जब अजमेर ने मामले की पूछताछ की तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. यहां से उसे पता चला कि उसके नाम पर ‘सी के इंटरनेशनल’ नाम से एक फर्जी कंपनी शुरू की गई है. इस कंपनी को शुरू करने के लिए अजमेर के आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया है. हैरानी वाली बात यह है कि इस बारे अजमेर को कुछ पता नहीं हैं. इतना ही नहीं अजमेरा का दावा है कि उन्होंने कभी पैन कार्ड बनवाया ही नहीं है.

35 करोड़ का नोटिस

जीएसटी विभाग ने बताया कि अजमेर के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पहले तो जीएसटी नंबर लिया गया और फिर फर्जी कंपनी के नाम पर करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है. इसी के आधार पर विभाग ने मजदूर अमजेर के घर 35 करोड़ रुपए टैक्स भरने का नोटिस भेजा है. अजमरे ने बताया कि कोरोना काल में मदद करने वाले कुछ लोगों ने उनके आधार कार्ड सहित कई अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी ली थी, हो सकता है कि उन लोगों ने इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.