Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Lucknow Fire Tragedy: अलीगंज की बिल्डिंग में भीषण आग; एसी डक्ट से फैली लपटों ने ली 15 जिंदगियां Ujjain Gaya Kotha Tirth: उज्जैन के गयाकोठा तीर्थ का बदलेगा स्वरूप; विकास कार्यों के लिए मिले 6.7 करो... Madhya Pradesh News: ट्रांसफर नियमों का उल्लंघन? एमएसएमई और पीडब्ल्यूडी में वरिष्ठता को लेकर बढ़ा विव... Gwalior JAH Hospital News: जया आरोग्य अस्पताल में पार्किंग के नाम पर खुली लूट; खुद अस्पताल के डॉक्टर... Gwalior Coaching Fire Safety: ग्वालियर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा राम भरोसे; केवल 3 के पास फायर... MP UCC Draft: मध्य प्रदेश में 10 दिन में तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट; जानें आदिवासियों ... Gwalior News: डीएलएड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी का खुलासा; चाचा दे रहा था भतीजे की जगह परीक्षा, प... Terror Module Exposed: भोपाल एटीएस की बड़ी कार्रवाई; 'लोन वुल्फ' मॉड्यूल तैयार करने वाले सरगना की रिम... Mephedrone Drugs Network: भोपाल में ड्रग्स बनाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़; हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी ... Seoni Jumbo Sitaphal GI Tag: सिवनी के सीताफल को मिला GI टैग; अब दुनिया भर में बिखेरेगा अपने स्वाद का...

मोगा में दिहाड़ी मजदूर को $35$ करोड़ का टैक्स नोटिस! हैरान करने वाला खुलासा, क्या आधार कार्ड से हुआ बड़ा ‘फर्जीवाड़ा’?

पंजाब के मोगा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दिहाड़ी मजदूर को जीएसटी डिपार्टमेंट ने 35 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा है. जानकारी के अनुसार, कोरोना काल के दौरान पीड़ित व्यक्ति की मदद करने वाले कुछ लोग उसका आधार कार्ड सहित अन्य डॉक्यूमेंट ले गए थे. पीड़ित ने उन्हीं पर गलत तरीके से उसके डॉक्यूमेंट इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. फिलहाल इस मामले से हर कोई हैरान है.

मोगा जिले के बोहना गांव में रहने वाले अजमेर सिंह मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे हैं. उन्हें जीएसटी डिपोर्टमेंट ने 35 करोड़ रुपए टैक्स भरने के लिए नोटिस भेजा है. ऐसा पहली बार नहीं है, इससे पहले भी उन्हें साल 2022 में 21 लाख रुपए टैक्स जमा करने का नोटिस मिला था. उस दौरान भी अमजेर ने शिकायत की थी, लेकिन कोई उचित कार्रवाई न होने के चलते अब आए नोटिस नेउन्हें सकते में डाल दिया है.

मजदूर के नाम पर बनी फर्जी कंपनी

लुधियाना GST दफ्तर जाकर जब अजमेर ने मामले की पूछताछ की तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. यहां से उसे पता चला कि उसके नाम पर ‘सी के इंटरनेशनल’ नाम से एक फर्जी कंपनी शुरू की गई है. इस कंपनी को शुरू करने के लिए अजमेर के आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया है. हैरानी वाली बात यह है कि इस बारे अजमेर को कुछ पता नहीं हैं. इतना ही नहीं अजमेरा का दावा है कि उन्होंने कभी पैन कार्ड बनवाया ही नहीं है.

35 करोड़ का नोटिस

जीएसटी विभाग ने बताया कि अजमेर के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पहले तो जीएसटी नंबर लिया गया और फिर फर्जी कंपनी के नाम पर करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है. इसी के आधार पर विभाग ने मजदूर अमजेर के घर 35 करोड़ रुपए टैक्स भरने का नोटिस भेजा है. अजमरे ने बताया कि कोरोना काल में मदद करने वाले कुछ लोगों ने उनके आधार कार्ड सहित कई अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी ली थी, हो सकता है कि उन लोगों ने इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.