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मुख्यमंत्री और राज्यपाल से नहीं मिला मुलाकात का समय, किसानों ने अब तय किया ज्ञापन सौंपने का रास्ता

रायपुर: छत्तीसगढ़ के किसानों की समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा अब सड़कों से प्रशासनिक दफ्तरों तक आवाज उठाने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात का समय न मिलने के बाद किसान प्रतिनिधि मंडल आज दोपहर 3 बजे ज्ञापन सौंपेगा.

किसानों की परेशानियां और सरकार की चुप्पी: संयुक्त किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ के संयोजक सदस्य और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने बताया कि किसानों की हालत लगातार खराब हो रही है।बेमौसम बारिश से फसलों की तबाही, एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन की तकनीकी दिक्कतें, बढ़े हुए बिजली बिल, जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री की जटिल प्रक्रिया, सहकारी समिति कर्मचारियों का आंदोलन और धान खरीदी की अनिश्चितता जैसे मुद्दे किसानों को परेशान कर रहे हैं.

27 अक्टूबर को मांगा था समय, अब तक जवाब नहीं: तेजराम विद्रोही ने बताया कि इन तमाम विषयों पर चर्चा के लिए 27 अक्टूबर को राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों को पत्र भेजा गया था, जिसमें 6 से 10 नवंबर के बीच मुलाकात का समय मांगा गया था. लेकिन अब तक सरकार या राजभवन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. किसान नेताओं का कहना है कि “सरकार किसानों की तकलीफों पर मौन है, इसलिए अब हम ज्ञापन देकर अपनी बात दर्ज कराएंगे.”

दोपहर 3 बजे सौंपा जाएगा ज्ञापन: संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल आज दोपहर तीन बजे राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा. किसान प्रतिनिधि उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस बार उनकी समस्याओं पर ठोस कदम उठाएगा.

Chhattisgarh Kisan Morcha

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तय: मोर्चा ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ज्ञापन पर भी कोई ठोस कार्रवाई या संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो किसान संगठन प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा. तेजराम विद्रोही ने कहा, “किसानों की आवाज को अब और अनसुना नहीं किया जा सकता. अगर सरकार नहीं सुनेगी, तो किसान सड़कों पर उतरेंगे.”

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