Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज पर बादलों को चीरती गुजरी वंदे भारत, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने... जयपुर में दो दोहरे मर्डर केस का खुलासा: शराब के खर्च और बकरियों की रखवाली के विवाद में हत्या, 3 गिरफ... समस्तीपुर में दर्दनाक वारदात! खेत में चारा लेने गई नाबालिग से गैंगरेप, पीड़िता की हालत गंभीर "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अटूट अंग थे, हैं और रहेंगे": NYT के 'Pakistani Kashmir' शब्द पर भारत... दिल्ली में कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी! जानें 11 अगस्त तक कौन-कौन से रास्ते रहेंगे ब... गुरुग्राम की 'लुटेरी दुल्हन' गिरफ्तार! प्यार के जाल में फंसाकर ऐंठे 21 लाख, 13 मुकदमों का खुलासा बांकीपुर उपचुनाव में वोटिंग के बीच सियासी घमासान, बीजेपी ने जन सुराज पर लगाया फर्जी मतदान का आरोप आरएसएफ नेता ने अपने लड़ाकों को खुली छूट दी जापान के फुजिसावा शहर में नये किस्म का वैचारिक तनाव बढ़ा 'वंदे मातरम' का अपमान अब अपराध! राज्यसभा में बिल पास; कांग्रेस के वॉकआउट पर नित्यानंद राय का तीखा हम...

मेहुल चोकसी को बड़ा झटका! PMLA कोर्ट का आदेश- गीतांजलि जेम्स की कई संपत्तियां होंगी नीलाम, फरार हीरा कारोबारी पर कसा शिकंजा

मुंबई की PMLA कोर्ट ने 23,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले के केंद्र में रही कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी पर एक्शन लिया है. कोर्ट ने चोकसी से जुड़ी 13 असुरक्षित संपत्तियों का मूल्यांकन और नीलामी करने की अनुमति दे दी है.

इन संपत्तियों में बोरीवली में चार आवासीय फ्लैट, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में भारत डायमंड बोर्स में कार्यालय परिसर, गोरेगांव पूर्व में विरवानी औद्योगिक एस्टेट में चार औद्योगिक इकाइयां, जयपुर विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित चांदी की ईंटें, अर्ध-कीमती पत्थर और आभूषण बनाने वाली मशीनें शामिल हैं. निर्देश दिया है कि बिक्री से प्राप्त राशि को मनी लांड्रिंग मामले के समाप्त होने तक कोर्ट के नाम से फिक्स डिपॉजिट के रूप में रखा जाए.

चोकसी भगोड़ा आर्थिक अपराधी

दरअसल, 4 नवंबर के आदेश में, विशेष न्यायाधीश एवी गुजराती ने इस साल फरवरी में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा नियुक्त परिसमापक शांतनु रे की अर्जी स्वीकार कर ली. गीतांजलि जेम्स, 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में शामिल केंद्रीय संस्थाओं में से एक है, जिसमें चोकसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है. शांतनु रे ने ईडी मामले में कुर्क की गई असुरक्षित संपत्तियों के निपटान की अनुमति मांगी थी. ईडी ने अदालत को सूचित किया कि उसे प्रस्तावित मूल्यांकन और बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं है.

केवल असुरक्षित संपत्तियों की ही होगी नीलामी

कोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया कि केवल असुरक्षित संपत्तियों की ही नीलामी की जा सकती है, जिन पर सुरक्षित लेनदारों का दावा नहीं है. अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईडी द्वारा संपत्तियों की कुर्की बरकरार रहेगी और आय का स्वामित्व और जब्ती मुकदमे के बाद ही तय की जाएगी. आदेश में कहा गया है, खर्चों में कटौती के बाद बिक्री से प्राप्त राशि को इस न्यायालय के नाम आईसीआईसीआई बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा किया जाएगा. साथ ही कहा गया है कि यह धनराशि पीएमएलए की धारा 8(7) और 8(8) के तहत न्यायिक हिरासत में रहेगी.

बंद हो चुका गीतांजलि समूह

यह आदेश चल रही मनी लॉन्ड्रिंग कार्यवाही के साथ-साथ परिसमापन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाता है, जिससे बंद हो चुके गीतांजलि समूह की कुछ संपत्तियों का मुद्रीकरण किया जा सकेगा. साथ ही मामले का अंतिम निर्णय होने तक आय को कोर्ट के पास सुरक्षित रखा जा सकेगा. माना जा रहा है कि कोर्ट धीरे-धीरे चोकसी से जुड़ी हर संपत्ति पर एक्शन ले रहा है. आने वाले समय में कोर्ट इस मामले में अन्य और भी एक्शन ले सकता है.