Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रतलाम कृषि मंडी में अचानक छुट्टी पर भड़के किसान: 600 प्याज की ट्रालियां खड़ी कर महू-नीमच रोड किया जा... 'ट्रस्ट में आंदोलन से जुड़े लोग नहीं': राम मंदिर विवाद और 'जैन-जी' आंदोलन पर बोले भोजपाली बाबा रविंद... सिंगरौली सरकारी अस्पताल की खुली पोल: डॉक्टर की कुर्सी पर सफाईकर्मी, सीएमएचओ ने दिए जांच के आदेश मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: सीएम के लेटरहेड से ट्रांसफर और हाईकोर्ट में फर्जी वकालतना... कार्तिक त्यागी की 153.6 Kmph की आग उगलती गेंद: UP T20 लीग में प्रिंस यादव का उखाड़ा विकेट, रिंकू सिं... 'कर्नाटक ही नहीं, पूरे सिनेमा जगत के किंग हैं यश': टॉक्सिक के प्रमोशनल इवेंट में दिखा जबरा क्रेज गिनी की राजधानी कोनाक्री में लैंडफिल का विशाल ढेर ढहने से 30 की मौत: मलबे में दबीं झुग्गियां, 6 घायल चीनी शेयरों में 11% तक का जबरदस्त उछाल: बलरामपुर चीनी, धामपुर और उत्तम शुगर में तेजी, जानें तेजी के ... आधार कार्ड में नया पता कैसे बदलें? बिना लाइन में लगे घर बैठे मोबाइल से अपडेट करने का आसान तरीका ईद-ए-मिलाद उन नबी 2026: 26 अगस्त को मनाया जाएगा 12 रबीउल अव्वल, जानिए इस दिन का अर्थ और इस्लामिक महत...

असम के धुबरी में लछित बोरफुकन मिलिटरी स्टेशन की आधारशिला रखी गई

चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा होगी मजबूत

  • बांग्लादेश सीमा के करीब है यह शिविर

  • उन्नीस बांग्लादेशी लोग वापस भेजे गये

  • सीतारमण ने विश्वविद्यालय की नींव रखी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः भारतीय सेना ने असम के धुबरी जिले में लछित बोरफुकन मिलिटरी स्टेशन की आधारशिला रखकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह नया सैन्य केंद्र भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब स्थित होगा और चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा को मजबूत करने का उद्देश्य रखता है।

पूर्वी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आर सी तिवारी ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों का दौरा किया और इस दौरान परिचालन तैयारियों और आंतरिक सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने ही इस नए स्टेशन की आधारशिला भी रखी। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि यह प्रतिष्ठान लगभग 1,500 कर्मियों को समायोजित करेगा और खुफिया जानकारी जुटाने का एक केंद्र बनेगा।

असम के पश्चिमी हिस्से में, यह स्टेशन बांग्लादेश सीमा के सबसे करीब होगा। हाल ही में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा चिकन नेक कॉरिडोर से आवाजाही बाधित करने की धमकी के बाद इसकी स्थापना का महत्व और भी बढ़ गया है।

यह सैन्य स्टेशन मूल रूप से असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक राजनीतिक प्रस्ताव के रूप में शुरू हुआ था, जो जून में धुबरी में सांप्रदायिक तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बढ़ने के बाद आया था।

लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने सैनिकों की व्यावसायिकता और तैयारियों की सराहना की और सैन्य स्टेशन की स्थापना में सक्रिय सहयोग के लिए असम सरकार तथा नागरिक प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

असम पुलिस और बीएसएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार की तड़के 19 बांग्लादेशी नागरिकों को सफलतापूर्वक उनके देश वापस भेज दिया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस अभियान की घोषणा करते हुए इसे अवैध घुसपैठ के प्रति सरकार की शून्य-सहिष्णुता की नीति का प्रमाण बताया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम के गोहपुर में शहीद कनकलता बरुआ राज्य विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। यह भारत का पहला प्रौद्योगिकी-आधारित व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण विश्वविद्यालय होगा। 415 करोड़ रुपये की यह परियोजना एआई, साइबर सुरक्षा, ड्रोन टेक और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उन्नत क्षेत्रों के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार पीढ़ी को आकार देगी।