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छिटफुट हिंसा और विवाद के बीच पहले चरण का मतदान संपन्न

शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में अधिक भीड़

  • मुजफ्फरपुर में भाजपा कार्यकर्ता घायल

  • नालंदा में भाजपा कार्यकर्ता गिरफ्तार

  • दिन चढ़ने के साथ साथ भीड़ भी बढ़ी

राष्ट्रीय खबर

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के लिए गुरुवार को राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान जारी है। इस बीच, विभिन्न मतदान केंद्रों से हिंसा, झड़प और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई हैं, जिसने चुनाव के शांतिपूर्ण माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मतदान के शुरुआती घंटों में ही मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के बरियारपुर मठिया गांव से एक गंभीर हिंसक घटना सामने आई। यहां, भारतीय जनता पार्टी के समर्थक बाबूलाल मंडल धानुक पर स्थानीय लोगों ने मतदाता पर्चियां वितरित करने का आरोप लगाते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में बाबूलाल का सिर बुरी तरह फट गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

उन्हें इलाज के लिए तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाबूलाल मंडल ने बताया कि जब उनकी पत्नी और बेटी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। हालांकि, पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही हमलावर फरार होने में सफल रहे।

उधर, नालंदा जिले के बिहारशरीफ इलाके में भी भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की खबर है। वार्ड संख्या 16 में, बूथ नंबर 226 से 232 के पास, इन कार्यकर्ताओं पर मतदाता पर्ची बांटने का आरोप लगा था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है और प्रशासन के रवैये को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।

भाजपा के उम्मीदवार डॉ. सुनील कुमार ने तो सीधे तौर पर पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि गिरफ्तार करने वाला अधिकारी आरजेडी समर्थक है और उसने जानबूझकर उनके कार्यकर्ताओं को परेशान किया है। हालांकि, घटना स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती के बाद अब स्थिति नियंत्रण में और सामान्य बताई जा रही है।

पहले चरण के तहत, राजधानी पटना जिले की 14 विधानसभा सीटों पर भी वोटिंग हो रही है। दोपहर तीन बजे तक जिले में औसतन 50.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसमें शहरी क्षेत्रों में मतदान की गति काफी धीमी रही।

जैसे-जैसे दिन ढला, मतदाताओं का उत्साह भी बढ़ा, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में भारी मतदान देखा गया। पटना जिले में अब तक पालीगंज विधानसभा क्षेत्र में 59.25 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है। वहीं, दीघा विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 31.89 प्रतिशत मतदान हुआ, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच 27.36 प्रतिशत का एक बड़ा अंतर दिखाई दिया।

इस बीच सारण के मांझी विधानसभा क्षेत्र में भाकपा(माले) के वर्तमान विधायक सत्येंद्र यादव की गाड़ी पर हमला होने की सूचना मिली है। सारण पुलिस के मुताबिक इस हमले में कोई भी घायल नहीं हुआ है जबकि अपराधियों की तलाशी जारी है।

मुख्यालय तक पहुंची जानकारी के मुताबिक पहले चरण के मतदान में शाम पांच बजे तक साठ फीसद से अधिक मतदान होने की सूचना है। इसमें शायद महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है क्योंकि तमाम मतदान केंद्रों पर महिला मतदाताओं की भीड़ प्रारंभ से ही अधिक देखी गयी थी। वोटिंग का समय खत्म होने के बाद भी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लगी थी, जो बाद में मतदान करेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों जैसे पालीगंज, बिक्रम, फतुहा, मसौढ़ी और बख्तियारपुर में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, जहां महिलाओं और युवा मतदाताओं में खास उत्साह नजर आया। इसके विपरीत, पटना शहर की सीटों जैसे बांकीपुर, दीघा और कुम्हरार में मतदान की गति अपेक्षाकृत धीमी रही।

जिला निर्वाचन कार्यालय ने आश्वासन दिया है कि सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त हैं और अब तक मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। शाम तक मतदान प्रतिशत में और अधिक वृद्धि की संभावना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च मतदान प्रतिशत से स्थानीय उम्मीदवारों की उम्मीदें बढ़ सकती हैं।