आने-जाने का एक ही रास्ता, भगदड़ से रुकी भक्तों की सांसें… वेंकटेश्वर मंदिर हादसे के बारे में जानें सबकुछ
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में एकादशी के अवसर पर वेंकेटश्वर मंदिर में बड़ा हादसा हुआ है. कासीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई, जिसमें करीब 9 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए हैं. दरअसल, काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर एक निजी मंदिर है. यह मंदिर किसी भी सरकारी विभाग के अधीन नहीं है. मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से भारी भीड़ जुटने की अनुमति नहीं ली गई थी. यहां तक की सरकार या प्रशासन को इस बारे में सूचित नहीं किया गया था. ये बात भी सामने है कि तीर्थयात्री जिस जगह एकत्रित हुए थे, वहां निर्माण कार्य चल रहा था. जिसे भगदड़ की वजह माना जा रहा है. हालांकि हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं, जल्द इसके बारे में और भी जानकारी सामने आएगी.
दरअसल वेंकटेश्वर मंदिर को खुले हुए अभी केवल चार महीने ही हुए हैं और निर्माण अभी भी पूरा नहीं हुआ है. मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास का अभी एक ही मार्ग है. भगदड़ मचने से मंदिर में आने जाने के लिए जो स्टील की रेलिंग लगाई गई थी, वह भी टूट गई, इसलिए लोग एक साथ अंदर घुस गए, जिससे अपरा-तफरी मच गई और स्थित भयावह हो गई.
भारी भीड़ उमड़ने से मची भगदड़
जानकारी के मुताबिक, कासीबुग्गा कस्बे के रहने वाले 80 वर्षीय मुकुंद पांडा ने अपने खेत में भगवान वेंकटेश्वर का ये मंदिर बनवाया है, जिसका मॉडल तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर की तर्ज पर है. इस मंदिर को यहां के लोग क्षेत्र में “छोटे तिरुपति” के नाम से पुकारते हैं. कार्तिक एकादशी और शनिवार होने के कारण, भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ी थी.
हादसे के बाद बेसुध पड़े लोग
भगदड़ के बाद मंदिर के अंदर का मंजर रूह कंपाने वाला था. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मौके पर भारी पुलिस फोर्स और मेडिकल टीम पहुंची. एंबुलेंस की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. वहीं मंदिर के अंदर के कुछ वीडियो सामने आए हैं.
वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग इधर-उधर बेसुध पड़े हुए हैं. जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं, जो एकादशी पर पूजा के लिए मंदिर में पहुंची थीं. कुछ श्रद्धालु सीपीआर देकर उनकी सांसें लौटाने की कोशिश करते दिखे. भगदड़ के बाद मंदिर परिसर पूजा का सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा है. ए दिल दहलाने वाले वीडियो में एक बच्चा बेसुध पड़ा है. वहीं एक महिला उसे होश में लाने की कोशिश कर रही है.
इस हादसे पर काशीबुग्गा उप-मंडल प्रभारी डीएसपी लक्ष्मण राव ने कहा कि काशीबुग्गा के वेंकटेश्वर मंदिर में दोपहर करीब 11 बजकर 45 मिनट पर भगदड़ मची. इस दौरान सात लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए.
सीएम ने जताया दुख
राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ और श्रद्धालुओं की मौतों पर दुख जताया है. सीएम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें उन्होंने लिखा कि श्रीकाकुलम जिले के वेंकटेश्वर मंदिर में हुई घटना हृदयविदारक है. उन्होंने पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. सीएम ने कहा कि प्रशासन और मेडिकल विभाग के अधिकारियों को सभी पीड़ितों और घायल श्रद्धालुओं की तुरंत मदद करने का आदेश दिया गया है.
डिप्टी सीएम ने हादसे को बताया दुखद
श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ पर डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने दुख जता. उन्होंने कहा कि मंदिर में हुई हादसा बेहद दुखद है. मुझे यह जानकर दुख हुआ है कि कार्तिक एकादशी के अवसर पर ये हादसा हुआ. हादसे में 9 श्रद्धालुओं की जान गई है. मैं पीड़ितों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना करता हूं. अधिकारियों को घायलों और पीड़ितों को हर संभव मदद और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करने का निर्देश दिया है.
जिला प्रशासन को तत्काल राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. राज्य भर के प्रमुख मंदिरों और शैव मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है. मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे सुरक्षा की उचित और समुचित व्यवस्था सुनियोजित तरीके से अपनाएं. साथ ही संबंधित अधिकारी ये भी सुनिश्चित करें कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े.
भगदड़ में 9 लोगों की मौत
जानकारी के अनुसार, वेंकटेश्वर मंदिर में एकादशी की पूजा हो रही थी. इस दौरान वहां भक्तों की काफी भीड़ थी. इस हादसे में अब तक करीब 9 लोगों की मौत भी हुई है. हालांकि, मृतकों को लेकर आधिकारिक रूप से पुष्टि की गई है. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है. घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.