Breaking News in Hindi

बड़ी लापरवाही: गर्डर लॉन्चिंग के दौरान पलटी क्रेन, नीचे से गुजर रही पिकअप को कुचला; इंदौर-धार हाईवे पर काम कर रहे इंजीनियरों पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के इंदौर में दाहोद रेल लाइन के तहत बनाए जा रहे निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की गर्डर लॉन्चिंग के दौरान एक भारी क्रेन असंतुलित होकर नीचे गिर गई. उसी समय पुल के नीचे से दो पिकअप वाहन गुजर रहे थे, जो क्रेन की चपेट में आ गए. हादसे में दोनों वाहनों में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है.

हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए. जानकारी के अनुसार, रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य बीते कई दिनों से चल रहा था. गुरुवार को गर्डर लॉन्चिंग का काम किया जा रहा था. इसी दौरान क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज आवाज के साथ नीचे गिर पड़ी. क्रेन सीधे नीचे सड़क से गुजर रही एक पिकअप गाड़ी पर जा गिरी.

घटना इतनी भीषण थी कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया.

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया. फिलहाल मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है और घायलों का इलाज जारी है.

इस घटना पर रेलवे जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने बताया कि रेल प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही जिला प्रशासन को इस मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए थे. साथ ही आम जनता को भी मीडिया और अन्य माध्यमों से सूचित किया गया था कि ओवरब्रिज निर्माण के दौरान इस मार्ग से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा.

इसके बावजूद कुछ ग्रामीणों ने पिकअप वाहन लेकर उसी मार्ग से गुजरने की कोशिश की, जिसके चलते यह दुखद घटना हो गई. मीणा ने बताया कि रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन अब मिलकर पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद साइट पर कार्य पुनः शुरू किया जाएगा.

फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर ली है और क्रेन हटाने का काम जारी है. हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है. स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.