Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अयोध्या, राम मंदिर चंदा विवाद या राजनीति का लंकाकांड एकल कोशिका से 170 अरब कोशिकाएं बनती हैं, देखें वीडियो अब ड्रोन से होगी शार्क की निरंतर निगरानी, देखें वीडियो Mann Ki Baat: 'हरगिला चिड़िया' बनी असम के गांवों की पहचान; PM मोदी ने की 'हरगिला सेना' की जमकर तारीफ स्वच्छ यमुना अभियान: सीएम रेखा गुप्ता का श्रमदान, कहा- "अब यमुना में नहीं गिरेगा बिना ट्रीटमेंट वाला... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स की नेशनल असेंबली में बोले पीएम मोदी; 'भारत और सेशेल्स को जोड़ता है... Waqf Amendment Act: वक्फ संपत्तियों को कानूनी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज; 30 जून तक पूरा करें रिक... Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की बड़ी मॉक र... हरिद्वार: बीमार पत्नी की संदिग्ध मौत का खुलासा, दवा के नाम पर जहर देकर की पति ने हत्या Jabalpur Crime News: फेसबुक पर हिंदू नाम रखकर की दोस्ती, फिर धर्म परिवर्तन और तस्करी की कोशिश; मामला...

Gwalior LPG Crisis: ग्वालियर में प्रसादी पर गैस संकट, 7 क्विंटल लकड़ी जलाकर तैयार हुआ भंडारे का खाना

ग्वालियर: अमेरिका-इजरायल और ईरान में चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया के साथ भारत में भी देखने को मिल रहा है. भले ही सरकार लाख दावे करे लेकिन लोग एलपीजी गैस कमी के संकट से जूझ रहे हैं. इसका असर अब आस्था पर भी पड़ रहा है.

रामनवमी के मौके पर देश भर की तरह ग्वालियर के प्रसिद्ध मंदिरों पर हर साल भंडारे आयोजित होते हैं लेकिन इस साल हालत अलग हैं. कई मंदिर सूने हैं तो कहीं लोग भंडारों के लिए भोजन पकाने दूसरे विकल्प अपना रहे हैं. ग्वालियर के वैष्णो देवी मंदिर में भी 5 हजार श्रद्धालुओं के लिए लकड़ी के चूल्हों पर भंडारा प्रसादी तैयार हो रही है.

गैस चूल्हों की जगह लकड़ी पर बना प्रसाद

रामनवमी का मौका है और मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्त भंडारा प्रसादी पाने के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी ने इस बार भंडारों की संख्या सीमित कर दी है. ग्वालियर के वैष्णो देवी मंदिर धाम पर भंडारे के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं मिले तो आयोजकों ने लकड़ी और चूल्हों का सहारा लिया.

 भंडारा प्रसादी तैयार किए जाने वाली रसोई में हालात का जायजा लिया तो पाया इस बार प्रसादी बनाने के लिए रसोई गैस की जगह ईंधन के लिए लकड़ी जलाकर इस्तेमाल किया जा रहा है.

‘लकड़ी से ईंधन की पूर्ति जटिल समस्या’

भंडार गृह में मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि, हर साल की तरह इस साल भी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रसादी की व्यवस्था की है लेकिन इस बार गैस सिलेंडर की कमी की वजह से लकड़ियों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. भंडारा की समस्या तो नहीं लेकिन लकड़ियों का मैनेजमेंट काफी परेशानियों से हो रहा है. आम तौर पर गैस सिलेंडर आसानी से मिल जाते थे तो जरूरत पड़ने पर श्रद्धालु भी दे जाते थे. लकड़ी के साथ वाहन साधन किराया कई दिक्कतें आती हैं, सिलेंडर मिल जाता तो ज्यादा अच्छी व्यवस्था हो जाती.

‘कई कोशिशों के बाद भी नहीं मिले गैस सिलेंडर’

इस भंडारा प्रसादी का आयोजन करा रहे पुरुषोत्तम कुशवाह ने बताया, “इस बार एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी कमी है. क्योंकि बाहर से ही सिलेंडर नहीं आ पा रहे हैं इस कारण ग्वालियर में भी आसानी से नहीं मिल रहे हैं. हमने भी प्रयास किए थे, घरेलू गैस सिलेंडरों के नंबर भी लगाए लेकिन अब तक सिलेंडर नहीं आए. इसलिए फिर लकड़ियों की व्यवस्था करना पड़ी.”

‘सिलेंडर ना मिलने से हलवाई भी परेशान’

आयोजकों में शामिल मनोज कुशवाह का कहना है कि, “गैस की कमी से प्रसादी पर कोई असर नहीं आने दिया है. हर साल लगभग 5 से 6 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी तैयार कराई जाती है और इस बार भी इतनी ही प्रसादी तैयार कराई गई है. इसके लिए अभी तक 7 क्विंटल लकड़ी लाई जा चुकी है और भंडारा तैयार किया गया. अगर और भी जरूरत पड़ेगी तो लकड़ी मंगाएंगे क्योंकि सिलेंडर ना होने से काफी समस्या हो रही ना सिर्फ लोगों को बल्कि हलवाईयों को भी परेशानी हो रही है.”