Breaking News in Hindi

बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की दूसरी बड़ी चाल

पंचायत सदस्यों को पचास लाख का बीमा और पेंशन

  • मुकेश सहनी के साथ प्रेस कांफ्रेंस किया

  • राशन दुकानदारों के लिए भी घोषणा हुई

  • कई वर्गों को ब्याज मुक्त कर्ज भी मिलेगा

राष्ट्रीय खबर

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, विपक्षी महागठबंधन ने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण चुनावी दाँव खेला है। राष्ट्रीय जनता दल ने अपने सहयोगी विकासशील इंसान पार्टी के सुप्रीमो और उपमुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार मुकेश सहनी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, राज्य के पंचायती राज प्रतिनिधियों और समाज के वंचित वर्गों के लिए कई बड़े और आकर्षक वादों की घोषणा की। पार्टी की यह पहल, जिसे राजनीतिक विश्लेषक दूसरी बड़ी चाल बता रहे हैं, सीधे ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और गरीब तबके को साधने का प्रयास है।

महागठबंधन ने स्पष्ट किया कि यदि ‘इंडिया’ गठबंधन बिहार की सत्ता में आता है, तो वह पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में तत्काल कदम उठाएगा। तेजस्वी यादव ने विशेष रूप से ज़ोर देकर कहा कि गाँव-देहात में दिन-रात जनता की सेवा करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को अब और उपेक्षित नहीं किया जाएगा।

यह कहा गया पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक व्यापक जीवन बीमा/दुर्घटना बीमा कवच प्रदान किया जाएगा, जो उनके और उनके परिवार के लिए एक बड़ी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। ग्रामीण लोकतंत्र की रीढ़ रहे इन प्रतिनिधियों के लिए एक पेंशन योजना लागू की जाएगी, ताकि वे कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी एक सम्मानित जीवन जी सकें।

पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा, तेजस्वी यादव ने राज्य के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों के लिए भी बड़ी घोषणाएँ कीं।उन्होंने कहा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत काम करने वाले राशन दुकानदारों/वितरकों की प्रति क्विंटल मार्जिन मनी को पर्याप्त रूप से बढ़ाने का वादा किया गया।

यह कदम वितरकों के वर्षों पुराने पारिश्रमिक संबंधी मुद्दे को हल करने का लक्ष्य रखता है। महागठबंधन ने नाई, कुम्हार व्यवसाय से जुड़े लोगों और बढ़ई जैसे समुदायों को 5 लाख का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने की घोषणा की। यादव का मानना है कि इस पहल से लोहार, कुम्हार जैसे कई वर्गों को अपने व्यवसाय में निवेश करने और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

इससे पहले, राजद नेता ने कहा था, संविदा आधार पर कार्यरत ‘जीविका दीदियों को सत्ता में आने पर स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। इन महिला कर्मचारियों का वेतन बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा, साथ ही उन्हें 2,000 का अतिरिक्त भत्ता और 5 लाख का बीमा कवर भी दिया जाएगा। महागठबंधन की ये घोषणाएँ यह स्पष्ट करती हैं कि उनका चुनावी एजेंडा समाज के सबसे निचले स्तर तक पहुँचने, महिला सशक्तीकरण और ग्राम स्वराज की अवधारणा को मज़बूत करने पर केंद्रित है। अब देखना यह है कि ये लुभावने वादे बिहार के मतदाताओं को कितना प्रभावित करते हैं।