यूपी में अवैध पटाखा बाजारों पर सख्ती
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कई इलाकों में त्वरित छापामारी हुई
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी उजागर
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कर चोरी का मामला भी पकड़ाया
राष्ट्रीय खबर
लखनऊः हाल ही में कानपुर में हुए भयानक विस्फोट की घटना ने उत्तर प्रदेश में अवैध पटाखा बाजारों और भंडारण की गंभीर समस्या को उजागर किया है। इस दुर्घटना के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य भर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं और अवैध पटाखा विक्रेताओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। यह कार्रवाई न केवल विस्फोटक सामग्री के अनधिकृत व्यापार को रोकने के लिए है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करने के लिए है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर कई स्थानों पर छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप भारी मात्रा में अवैध पटाखों के जखीरे जब्त किए गए हैं। इन बाजारों में अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है, जिससे आग लगने या विस्फोट होने का खतरा हमेशा बना रहता है, खासकर त्योहारी सीजन के दौरान। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे खतरनाक व्यापार पर पूर्ण विराम लगाना है जो नागरिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा पैदा करते हैं।
इस बीच, एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित है। मध्य प्रदेश में कफ सिरप से हुई संदिग्ध मौतों की खबरों के मद्देनजर, पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। वहां की सरकार ने नकली और जहरीली दवाओं की बिक्री को रोकने के लिए मेडिकल दुकानों पर सैंपलिंग और गहन जांच शुरू कर दी है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाजार में बिकने वाली दवाएं मानकों के अनुरूप हों और लोगों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों।
ये दोनों घटनाक्रम—अवैध पटाखों पर कार्रवाई और नकली दवाओं पर जांच—राज्य सरकारों की जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। पटाखों और दवाओं दोनों के ही मामले में नियामक निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है। अवैध व्यापार अक्सर कर चोरी और खतरनाक उत्पाद बेचने का जरिया बनता है।
सरकार का यह कड़ा रुख यह संदेश देता है कि वह किसी भी हाल में सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं करेगी। आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए, ऐसी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि यह अभियान केवल अस्थायी न हो, बल्कि लगातार निगरानी और सख्त दंडात्मक प्रावधानों के साथ स्थायी रूप से लागू रहे, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।